रायपुर 5 मई : छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने हालिया चुनाव परिणामों के बाद विपक्षी दलों, विशेषकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने हार के बाद विपक्ष द्वारा संवैधानिक संस्थाओं और ईवीएम (EVM) पर उठाए जा रहे सवालों को लेकर कड़ी आपत्ति जताई है। सीएम साय ने कहा कि जनता के जनादेश का अपमान करने के बजाय विपक्ष को अपनी हार स्वीकार करनी चाहिए।

लोकतंत्र में जनता का निर्णय सर्वोपरि
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विपक्ष को नसीहत देते हुए कहा, “लोकतंत्र में जनता जनार्दन होती है और उनकी भलाई इसी में है कि वे जनता के निर्णय को शिरोधार्य करें।” उन्होंने स्पष्ट किया कि जब जनता किसी को चुनती है या नकारती है, तो वह पूरी तरह से एक लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा होता है। हारने वाले पक्ष को आत्ममंथन करना चाहिए न कि हार का ठीकरा दूसरों पर फोड़ना चाहिए।
कहावत से कसा तंज: ‘खिसियानी बिल्ली खंभा नोचे’
विपक्ष के व्यवहार पर कटाक्ष करते हुए सीएम साय ने एक प्रसिद्ध कहावत का उपयोग किया। उन्होंने कहा, “विपक्षी दल आज ‘खिसियानी बिल्ली खंभा नोचे’ की कहावत को सच साबित करने में लगे हैं। जब अपनी नीतियों और कार्यों की वजह से उन्हें जनता ने नकार दिया, तो वे अब अपनी झुंझलाहट चुनाव आयोग और ईवीएम पर निकाल रहे हैं।”
हार की बौखलाहट में संवैधानिक संस्थाओं पर निशाना
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि हार से बौखलाए लोग अब बेबुनियाद दोषारोपण कर रहे हैं। चुनाव आयोग जैसी निष्पक्ष संस्था और ईवीएम की तकनीक पर सवाल उठाना न केवल गलत है, बल्कि यह देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने की कोशिश है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जब विपक्ष कहीं चुनाव जीत जाता है, तब ईवीएम ठीक रहती है, लेकिन हारते ही वे दोषारोपण शुरू कर देते हैं।
सीएम साय के इस बयान ने राज्य की राजनीति में हलचल मचा दी है। मुख्यमंत्री ने साफ कर दिया है कि भाजपा सरकार जनता के भरोसे और सेवा के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है, जबकि विपक्ष केवल नकारात्मकता फैलाने का काम कर रहा है।
