रायपुर, 07 मई 2026
छत्तीसगढ़ सरकार की सुशासन की अवधारणा अब गाँवों की चौपालों और खेतों की मेड़ों तक पहुँचने लगी है। इसी कड़ी में आज रायपुर जिले के ग्राम हल्बारास में आयोजित ‘सुशासन तिहार’ किसानों के लिए उम्मीदों का नया सवेरा लेकर आया। जनसमस्या निवारण शिविर के रूप में आयोजित इस कार्यक्रम में न केवल ग्रामीणों की शिकायतों का मौके पर निपटारा किया गया, बल्कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से उन्हें सीधे जोड़कर सशक्त बनाया गया।

केसीसी वितरण बना शिविर का मुख्य आकर्षण
शिविर की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धि किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) का बड़े पैमाने पर वितरण और नवीनीकरण रही। प्रशासन की इस पहल ने खेती-किसानी की राह में आने वाली वित्तीय बाधाओं को दूर कर आधुनिक कृषि का मार्ग प्रशस्त किया है।
हीराधर की मुस्कान: संसाधनों की कमी होगी दूर
ग्राम हल्बारास के प्रगतिशील किसान श्री हिराधर भागरथी के लिए आज का दिन विशेष रहा। 7 एकड़ उपजाऊ भूमि के स्वामी होने के बावजूद, संसाधनों के अभाव में वे अपनी खेती का पूर्ण विस्तार नहीं कर पा रहे थे। नया किसान क्रेडिट कार्ड प्राप्त करते ही उनके चेहरे पर संतोष की मुस्कान दिखी।
अपनी खुशी साझा करते हुए हीराधर ने कहा, “अब मुझे खाद, उन्नत बीज और आधुनिक कृषि यंत्रों के लिए किसी के सामने हाथ फैलाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। बैंक से सुलभ ऋण मिलने पर मैं अब सिर्फ धान तक सीमित नहीं रहूँगा, बल्कि नकदी फसलों की खेती कर अपनी आय बढ़ाऊँगा।”

नवल सिंह राणा का अनुभव: साहूकारों से मिली आजादी
वहीं, कार्ड का नवीनीकरण कराने पहुँचे श्री नवल सिंह राणा ने इस योजना को किसानों के लिए ‘वरदान’ बताया। उन्होंने अपने पुराने अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि पहले किसानों को मजबूरी में ऊंचे ब्याज दरों पर साहूकारों से कर्ज लेना पड़ता था, जिससे वे कर्ज के दुष्चक्र में फंस जाते थे।
श्री राणा ने बताया, “केसीसी ने हमें न केवल खेती, बल्कि पशुपालन जैसे सहायक व्यवसायों के लिए भी संबल दिया है। आज किसान सम्मान के साथ अपनी आर्थिक जरूरतों को पूरा कर आत्मनिर्भर बन रहा है।”
सुशासन की धरातल पर दस्तक
जिला प्रशासन द्वारा आयोजित इस शिविर ने यह सिद्ध कर दिया है कि यदि सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन संवेदनशीलता के साथ धरातल पर हो, तो इसके परिणाम दूरगामी होते हैं। ‘सुशासन तिहार’ के माध्यम से त्वरित निराकरण की इस प्रक्रिया ने ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति विश्वास को और गहरा किया है।
इस शिविर में कृषि विभाग, राजस्व विभाग और बैंकिंग संस्थानों के अधिकारियों ने उपस्थित रहकर किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन भी प्रदान किया। हल्बारास का यह सुखद दृश्य प्रदेश में कृषि क्रांति और सुशासन के मेल की एक जीवंत मिसाल बन गया है।
