जशपुर में 65 जोड़ों का नव-जीवन शुरू, दिव्यांग नव-दंपति बने आकर्षण और प्रेरणा का केंद्र।

जशपुर: मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत 65 जोड़े परिणय सूत्र में बंधे, दिव्यांग जोड़े ने पेश की मिसाल

जशपुर, 9 मई 2026

जशपुर: मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत 65 जोड़े परिणय सूत्र में बंधे, दिव्यांग जोड़े ने पेश की मिसाल


छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा संचालित ‘मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना’ निर्धन परिवारों के लिए वरदान साबित हो रही है। इसी कड़ी में जशपुर जिले में शुक्रवार को भव्य सामूहिक विवाह समारोहों का आयोजन किया गया, जहाँ विभिन्न समुदायों के 65 जोड़ों ने अपने नए जीवन की शुरुआत की।

विविधता में एकता की झलक

जशपुर जिले के अलग-अलग परियोजना क्षेत्रों में आयोजित इन कार्यक्रमों में सामाजिक समरसता और सर्वधर्म समभाव का अनूठा उदाहरण देखने को मिला। आयोजन में हिंदू और ईसाई दोनों समुदायों के जोड़ों ने अपने-अपने पारंपरिक रीति-रिवाजों और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार विवाह की रस्में पूरी कीं। जिला प्रशासन और महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा नवदंपत्तियों के लिए उपहार और गृहस्थी के सामान की भी व्यवस्था की गई थी।

मूकबधिर जोड़े ने जीता सबका दिल

इस गरिमामय आयोजन का सबसे भावुक और प्रेरणादायक पल बगीचा परियोजना क्षेत्र में देखने को मिला। यहाँ एक दिव्यांग (मूकबधिर) जोड़े ने एक-दूसरे का हाथ थामकर वैवाहिक बंधन में प्रवेश किया। इस जोड़े के विवाह ने समाज को यह संदेश दिया कि शारीरिक बाधाएं खुशहाल जीवन की राह में रुकावट नहीं बन सकतीं। उपस्थित जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने इस नवदंपत्ति को विशेष रूप से प्रोत्साहित किया और उनके साहस की सराहना की।

परियोजना वार विवरण

जिले के तीन प्रमुख परियोजना क्षेत्रों में विवाह संपन्न कराए गए:

  • बगीचा परियोजना: यहाँ कुल 20 जोड़ों का विवाह हुआ, जिनमें 13 हिंदू और 7 ईसाई समुदाय के जोड़े शामिल थे।
  • कांसाबेल परियोजना: इस क्षेत्र में 12 जोड़े वैवाहिक बंधन में बंधे (9 हिंदू और 3 ईसाई)।
  • बागबहार परियोजना: यहाँ सबसे अधिक 32 जोड़ों का विवाह संपन्न हुआ, जिनमें 6 हिंदू और 26 ईसाई समुदाय के जोड़े शामिल थे।

शुभकामनाओं का दौर

समारोह में स्थानीय जनप्रतिनिधि, कलेक्टर सहित जिले के वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। अतिथियों ने नवविवाहित जोड़ों पर पुष्प वर्षा की और उन्हें शासन की योजनाओं से मिलने वाली सहायता राशि व उपहार भेंट किए। वक्ताओं ने कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना न केवल गरीब परिवारों पर आर्थिक बोझ कम कर रही है, बल्कि फिजूलखर्ची रोककर सामूहिक विवाह की संस्कृति को भी बढ़ावा दे रही है।

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