बंगाल में नए युग की दस्तक: मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी को सीएम विष्णुदेव साय ने दी बधाई, कहा- “विकास के पथ पर बढ़ेगा प्रदेश

कोलकाता/रायपुर, 9 मई 2026: पश्चिम बंगाल की राजनीति में आज एक नया और ऐतिहासिक अध्याय दर्ज हो गया। कोलकाता के राजभवन में आयोजित एक भव्य समारोह में श्री सुवेंदु अधिकारी ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ ली। इस शपथ ग्रहण के साथ ही राज्य में लंबे समय से चली आ रही सत्ता परिवर्तन की प्रतीक्षा समाप्त हुई और जनता की आशाओं को नई दिशा मिली है।

सीएम विष्णुदेव साय ने कोलकाता पहुँचकर दी बधाई
इस गौरवशाली अवसर का साक्षी बनने के लिए छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय विशेष रूप से कोलकाता पहुंचे। उन्होंने नवनियुक्त मुख्यमंत्री श्री सुवेंदु अधिकारी से शिष्टाचार भेंट की और उन्हें पुष्पगुच्छ भेंट कर ऐतिहासिक जीत की बधाई दी। श्री साय ने न केवल मुख्यमंत्री, बल्कि उनके साथ शपथ लेने वाले मंत्रिपरिषद के सभी सदस्यों को भी हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल और सफल कार्यकाल की कामना की।

विकास और सुशासन का जनसंकल्प
मीडिया से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा, “यह जनादेश केवल सरकार बदलने का नहीं, बल्कि पश्चिम बंगाल में विकास, सुशासन और एक नई कार्यसंस्कृति की स्थापना का जनसंकल्प है। पश्चिम बंगाल की जनता ने भ्रष्टाचार और अव्यवस्था के विरुद्ध विकास, पारदर्शिता और सुशासन के पक्ष में अपना स्पष्ट विश्वास व्यक्त किया है।”

डबल इंजन सरकार से मिलेगी नई गति
श्री साय ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व पर भरोसा जताते हुए कहा कि अब पश्चिम बंगाल में भी ‘डबल इंजन’ की सरकार होगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री जी के दूरदर्शी मार्गदशन और राज्य सरकार की सक्रियता से पश्चिम बंगाल बहुत जल्द विकास की नई ऊंचाइयों को छुएगा।

युवाओं, किसानों और महिलाओं पर रहेगा फोकस
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने नई सरकार की प्राथमिकताओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस परिवर्तन से राज्य के युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे और पलायन रुकेगा। साथ ही, किसानों की समृद्धि का नया मार्ग प्रशस्त होगा और मातृशक्ति को एक सुरक्षित व सशक्त वातावरण प्राप्त होगा।

इस अवसर पर देशभर के कई वरिष्ठ नेता और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे, जिन्होंने पश्चिम बंगाल के इस राजनीतिक बदलाव को राज्य के सर्वांगीण उत्थान के लिए अनिवार्य बताया।

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