रायपुर 16 मई : छत्तीसगढ़ सरकार का बड़ा फैसला, सरकारी खर्चों में कटौती और वित्तीय अनुशासन के लिए कड़े निर्देश जारी
छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के वित्तीय संसाधनों के कुशल प्रबंधन और सार्वजनिक व्यय में कड़ा अनुशासन सुनिश्चित करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। वित्त विभाग द्वारा जारी ‘वित्त निर्देश 14/2026’ के तहत सरकारी खर्चों में भारी कटौती (मितव्ययिता) के उपाय तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं।
इस संबंध में महानदी भवन (नवा रायपुर अटल नगर) से समस्त अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव, संभाग आयुक्त और जिला कलेक्टरों को कड़े दिशा-निर्देश भेजे गए हैं।
सरकार द्वारा जारी किए गए मुख्य निर्देश इस प्रकार हैं:
🚙 कारकेड और वाहनों के उपयोग पर सख्ती
- सीमित उपयोग: मुख्यमंत्री, मंत्रियों और विभिन्न निगम/मंडल/आयोग के पदाधिकारियों के कारकेड में केवल अत्यंत आवश्यक वाहनों का ही उपयोग किया जाएगा।
- वाहन पूलिंग: पेट्रोल-डीजल के खर्च को कम करने के लिए अधिकारियों के लिए वाहन पूलिंग (एक ही दिशा में जाने वाले अधिकारियों का एक गाड़ी साझा करना) की व्यवस्था लागू होगी।
⚡ इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा
- चरणबद्ध बदलाव: राज्य के सभी शासकीय वाहनों को अब चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) में बदला जाएगा ताकि ईंधन पर होने वाले खर्च को न्यूनतम स्तर पर लाया जा सके।
✈️ विदेश यात्राओं पर पूर्ण प्रतिबंध
- सख्त रोक: अत्यंत अपरिहार्य परिस्थितियों को छोड़कर राज्य शासन के खर्च पर होने वाली सभी शासकीय विदेश यात्राओं पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है।
- मंजूरी अनिवार्य: यदि कोई विदेश यात्रा बहुत आवश्यक है, तो उसके लिए माननीय मुख्यमंत्री का पूर्वानुमोदन (पहले से मंजूरी) लेना अनिवार्य होगा।
💻 वर्चुअल बैठकों और ऑनलाइन समीक्षा को प्रोत्साहन
- महीने में एक बैठक: अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे भौतिक (Physical) बैठकें यथासंभव महीने में केवल एक बार ही आयोजित करें।
- वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग: भौतिक बैठकों के स्थान पर वर्चुअल/ऑनलाइन मोड को बढ़ावा दिया जाएगा। सभी नियमित समीक्षा बैठकें अनिवार्य रूप से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से होंगी।
💡 कार्यालयों में बिजली की बचत
- उपकरण बंद करना: कार्यालयीन समय (वर्किंग ऑवर्स) खत्म होने के बाद सभी विद्युत उपकरणों जैसे लाइट, पंखे, ए.सी. और कंप्यूटर को अनिवार्य रूप से बंद करना होगा। सरकारी भवनों में ऊर्जा की बर्बादी रोकने के निर्देश दिए गए हैं।
वित्त विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव द्वारा हस्ताक्षरित इस आदेश में दो मुख्य बिंदुओं पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया है:
1. बैठकों में कागज़ का उपयोग बंद, ‘ई-ऑफिस’ प्रणाली अनिवार्य
शासन द्वारा जारी निर्देश के अनुसार, अब सरकारी बैठकों में प्रिंटेड पेपर, बुकलेट्स या दस्तावेजों के भौतिक वितरण पर पूरी तरह रोक लगाई जाएगी।
- इनके स्थान पर इलेक्ट्रॉनिक फाइलों (जैसे .pdf और .ppt फॉर्मेट) का अनिवार्य रूप से उपयोग किया जाएगा।
- सभी शासकीय पत्राचार (करस्पॉन्डेंस) और नस्तियों (फाइलों) का संचालन अनिवार्य रूप से ‘e-Office’ पोर्टल के माध्यम से ही किया जाएगा।
- इस कदम का मुख्य उद्देश्य कागज और स्टेशनरी पर होने वाले भारी-भरकम शासकीय व्यय में बड़ी कटौती करना है।
2. फिजिकल ट्रेनिंग की जगह ऑनलाइन ‘iGOT कर्मयोगी पोर्टल’ का उपयोग
सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों के प्रशिक्षण (ट्रेनिंग) पर होने वाले खर्चों को नियंत्रित करने के लिए भी नया नियम लागू किया गया है।
- अब फिजिकल (भौतिक) प्रशिक्षण कार्यक्रमों के आयोजन को सीमित किया जाएगा। इसके स्थान पर डिजिटल माध्यम से iGOT कर्मयोगी पोर्टल का अधिकतम उपयोग करने के निर्देश दिए गए हैं।
- राज्य के समस्त विभागों को आदेश दिया गया है कि वे अपने विशिष्ट ट्रेनिंग कोर्सेस को इस पोर्टल पर जल्द से जल्द अपडेट करें। इससे कर्मचारियों को ऑनलाइन ट्रेनिंग मिल सकेगी और भौतिक रूप से प्रशिक्षण आयोजित करने की आवश्यकता न्यूनतम हो जाएगी।
30 सितंबर 2026 तक कड़ाई से लागू रहेंगे नियम
वित्त विभाग ने स्पष्ट किया है कि ये सभी निर्देश 30 सितंबर 2026 तक प्रभावी रहेंगे। शासन ने सभी संबंधित विभागों और अधिकारियों को इन नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने का आदेश दिया है। लापरवाही बरतने या नियमों का उल्लंघन करने पर इसे वित्तीय अनुशासनहीनता माना जा सकता है।
छत्तीसगढ़ शासन का यह आदेश स्पष्ट करता है कि सरकार फिजूलखर्ची को रोककर जनता के पैसे का सही उपयोग करना चाहती है। इन नियमों का उल्लंघन करने वाले विभागों और अधिकारियों पर आने वाले समय में कड़ी नजर रखी जा सकती है।
