अंतिम छोर पर विकास: छत्तीसगढ़ में 18 मई से “जन भागीदारी–सबसे दूर, सबसे पहले” अभियान

रायपुर, 16 मई 2026: छत्तीसगढ़ के दूरस्थ जनजातीय गांवों तक सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ पहुंचाने के लिए राज्य सरकार एक बड़ा अभियान शुरू करने जा रही है। [शासन के आदिम जाति विकास विभाग द्वारा आगामी 18 मई से 25 मई 2026 तक “जन भागीदारी–सबसे दूर, सबसे पहले” विशेष अभियान चलाया जाएगा।] इस अभियान का मुख्य उद्देश्य अंतिम छोर पर मौजूद पात्र हितग्राहियों को बुनियादी सरकारी सुविधाओं से जोड़ना और उनकी समस्याओं का मौके पर ही निपटारा करना है।

इस महत्वपूर्ण अभियान के व्यापक क्रियान्वयन को लेकर विस्तृत प्रशासनिक रूपरेखा तैयार कर ली गई है।

8,235 गांवों में चलेगा महा-अभियान

मंत्रालय महानदी भवन (नवा रायपुर) से जारी आधिकारिक आदेश के मुताबिक, यह अभियान राज्य के कुल 8,235 जनजातीय बहुल गांवों में एक साथ संचालित होगा। इसमें शामिल हैं:

  • PM-JANMAN योजना: प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महा अभियान के तहत आने वाले 1,544 गांव।
  • ग्राम उत्कर्ष अभियान: धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के अंतर्गत शामिल 6,691 गांव।

(नोट: प्रशासनिक निर्देशों के अनुसार, राजधानी रायपुर को छोड़कर प्रदेश के सभी जिलों में इस अभियान को पूरी कड़ाई और मुस्तैदी से लागू किया जाएगा।)

आदि सेवा केन्द्रों पर होगी जनसुनवाई

अभियान के दौरान केवल कागजी खानापूर्ति नहीं होगी, बल्कि जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारी खुद सुदूर जंगलों और पहाड़ी क्षेत्रों में बसे गांवों तक पहुंचेंगे।

  • गांवों में चौपाल लगाकर जनसुनवाई का आयोजन किया जाएगा।
  • स्थानीय स्तर पर स्थापित “आदि सेवा केन्द्रों” के माध्यम से ग्रामीणों की शिकायतों और समस्याओं का तत्काल पंजीकरण कर उनका मौके पर ही निपटारा किया जाएगा।

बुनियादी सुविधाओं और स्वास्थ्य जांच पर विशेष फोकस

इस आठ दिवसीय विशेष अभियान के दौरान आदिवासियों के जीवन स्तर को सुधारने के लिए स्वास्थ्य, शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा, पोषण और शुद्ध पेयजल से जुड़ी सभी कल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर उतारा जाएगा।

  • विशेष स्वास्थ्य शिविर: गांवों में मेडिकल टीमें पहुंचेंगी, जहां सिकल सेल एनीमिया और टीबी (क्षयरोग) जैसी गंभीर बीमारियों की जांच के लिए विशेष कैंप लगाए जाएंगे।
  • सरकारी लाभ: पेंशन, राशन कार्ड, और पोषण आहार जैसी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से छूटे हुए पात्र लोगों को तुरंत जोड़ा जाएगा।

‘आदि प्रसारण’ पोर्टल से होगी डिजिटल मॉनिटरिंग

अभियान में पूरी पारदर्शिता बनाए रखने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार डिजिटल तकनीक का सहारा ले रही है।

  • प्रतिदिन की प्रगति, शिविरों के फोटो, वीडियो और लाभ पाने वाले हितग्राहियों के सीधे बयान (Testimonials) सरकार के आधिकारिक “आदि प्रसारण” पोर्टल पर अपलोड किए जाएंगे।
  • इससे राज्य स्तर पर बैठे उच्च अधिकारी सीधे जमीनी हकीकत की लाइव मॉनिटरिंग कर सकेंगे।

जनभागीदारी से बनेगा ‘सुशासन तिहार’

इस अभियान को जन-आंदोलन का रूप देने के लिए शासन ने समाज के हर वर्ग को इससे जोड़ने का निर्देश दिया है। अभियान के दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधि, स्वयंसेवी संगठन (NGOs), एनएसएस (NSS), एनसीसी (NCC) कैडेट्स और महिला स्व-सहायता समूह (SHGs) सक्रिय भूमिका निभाएंगे। इसके साथ ही, इस पूरे अभियान का समन्वय राज्य में चल रहे “सुशासन तिहार” और “जनजातीय गरिमा उत्सव” के कार्यक्रमों से किया जाएगा, ताकि जनजातीय संस्कृति के सम्मान के साथ-साथ विकास की रफ्तार को तेज किया जा सके।

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