जगदलपुर 19 मई
जगदलपुर में आयोजित 26वीं मध्य क्षेत्रीय परिषद (Central Zonal Council) की बैठक में कई महत्वपूर्ण और रणनीतिक फैसले लिए गए हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता और चार राज्यों (छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड) के मुख्यमंत्रियों की उपस्थिति में मुख्य रूप से सुरक्षा, बुनियादी ढांचे और अंतरराज्यीय समन्वय पर सहमति बनी है।
बैठक में लिए गए प्रमुख फैसलों और रणनीतिक अपडेट की सूची इस प्रकार है:
1. सुरक्षा और नक्सलवाद-उत्तर काल (Post-Maoist) की रणनीति
- सुरक्षा कैंपों का पुनरुत्पाद (Repurposing Camps): बस्तर के नक्सल-मुक्त होने के बाद अब सुरक्षा बलों के खाली या स्थापित कैंपों का उपयोग विकासात्मक कार्यों, स्कूलों, स्वास्थ्य केंद्रों और प्रशासनिक गतिविधियों के लिए किया जाएगा।
- शहरी नेटवर्क पर प्रहार: सीमावर्ती राज्यों में फैले नक्सलियों के शहरी और लॉजिस्टिक नेटवर्क को पूरी तरह से ध्वस्त करने के लिए चारों राज्य मिलकर संयुक्त इंटेलिजेंस ऑपरेशन चलाएंगे।
- सरेंडर नीति का एकीकरण: आत्मसमर्पण करने वाले पूर्व नक्सलियों और उग्रवादियों के पुनर्वास के लिए एक अंतरराज्यीय समन्वय ढांचा तैयार होगा।
2. अंतरराज्यीय समन्वय और साइबर अपराध
- अपराधियों पर कड़ा शिकंजा: एक राज्य से अपराध कर दूसरे राज्य में शरण लेने वाले अपराधियों को पकड़ने के लिए चारों राज्यों की पुलिस के बीच रियल-टाइम डेटा शेयरिंग और ‘जॉइंट पुलिसिंग’ को मजबूत किया जाएगा।
- सीमा और जल विवाद का समाधान: छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के बीच लंबे समय से लंबित सीमावर्ती भू-विवादों और नदी जल बंटवारे के मामलों को आपसी बातचीत और त्वरित प्रशासनिक कमेटियों के माध्यम से सुलझाने का फैसला हुआ।
3. सुदूर अंचलों में कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर
- रोड और मोबाइल नेटवर्क का विस्तार: बस्तर सहित चारों राज्यों के सुदूर आदिवासी और पहाड़ी इलाकों में सड़कों का जाल बिछाने, विद्युतीकरण और मोबाइल टावर लगाने के काम को मिशन मोड में पूरा किया जाएगा।
- डायल-112 सेवा का एकीकरण: सुरक्षा ग्रिड को मजबूत करने के लिए छत्तीसगढ़ की तर्ज पर सीमावर्ती क्षेत्रों में भी हाईटेक वाहनों की गश्त बढ़ाई जाएगी।
4. स्वास्थ्य, शिक्षा और पोषण पर ध्यान
- आदिवासी क्षेत्रों में कल्याणकारी योजनाएं: चारों राज्यों के जनजातीय और पिछड़े जिलों में पोषण अभियान, प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं और डिजिटल शिक्षा के बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने के लिए केंद्र सरकार विशेष बजटीय सहायता प्रदान करेगी।
