रायपुर 19 मई : गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक संपन्न, नक्सलवाद और बुनियादी ढांचे पर हुई अहम चर्चा
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में आज मध्य क्षेत्रीय परिषद (Central Zonal Council) की 26वीं महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। इस उच्च स्तरीय बैठक में सदस्य राज्यों—छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के मुख्यमंत्रियों, मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया। बैठक के बाद आयोजित लाइव प्रेस वार्ता में केंद्रीय गृह मंत्री ने बैठक में लिए गए अहम फैसलों और भावी रणनीतियों की जानकारी दी।
मुख्य बिंदु और बड़े फैसले
- नक्सलवाद का खात्मा: वामपंथी उग्रवाद (नक्सलवाद) को पूरी तरह समाप्त करने के लिए चारों राज्यों के बीच खुफिया जानकारी साझा करने और संयुक्त ऑपरेशन पर सहमति बनी।
- कनेक्टिविटी को बढ़ावा: मध्य भारत के दूरदराज के क्षेत्रों में सड़कों, राष्ट्रीय राजमार्गों और हवाई संपर्क को मजबूत करने के प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
- बैंकिंग और डिजिटल साक्षरता: ग्रामीण और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के हर 5 किलोमीटर के दायरे में बैंक शाखाएं और डाकघर बैंक खोलने का लक्ष्य तय हुआ।
- पोषण और स्वास्थ्य: महिला एवं बाल विकास के तहत कुपोषण को मिटाने के लिए राज्यों ने आपस में ‘बेस्ट प्रैक्टिसेज’ (सर्वोत्तम तौर-तरीके) साझा करने का संकल्प लिया।
- बिजली और पानी: सीमावर्ती जिलों में बिजली आपूर्ति और नदी जल विवादों को आपसी सहमति से सुलझाने पर सकारात्मक चर्चा हुई।
सहयोगात्मक संघवाद का उदाहरण
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि मध्य क्षेत्रीय परिषद के तहत आने वाले राज्य देश के विकास का मुख्य केंद्र हैं। उन्होंने बताया कि इस बैठक में कुल कई पुराने मुद्दों पर चर्चा हुई, जिनमें से अधिकांश का मौके पर ही शांतिपूर्ण समाधान निकाल लिया गया। बैठक में शामिल मुख्यमंत्रियों ने केंद्र सरकार के सहयोग की सराहना की और अपने-अपने राज्यों के विकास कार्यों का ब्योरा प्रस्तुत किया
