रायपुर, 6 जून (2026): छत्तीसगढ़ में खेती और पानी को लेकर किए जा रहे नए प्रयोगों की पूरे देश में तारीफ हो रही है। भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय ने छत्तीसगढ़ सरकार के काम को बहुत अच्छा बताया है। केंद्र सरकार ने देश के दूसरे सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को एक चिट्ठी लिखी है। इस चिट्ठी में उन्होंने कहा है कि बाकी राज्य भी छत्तीसगढ़ की तरह ही अपने यहाँ पानी और सिंचाई का प्रबंधन (एम-सीएडी मॉडल) करें।
मुख्यमंत्री ने जताई खुशी, कहा- किसानों की तरक्की हमारी प्राथमिकता
इस बड़ी कामयाबी पर राज्य के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने बहुत खुशी जताई है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार किसानों को अमीर बनाने, पानी बचाने और उसका सही इस्तेमाल करने के लिए लगातार नए काम कर रही है। देश के स्तर पर मिली यह तारीफ छत्तीसगढ़ के किसानों और जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की कड़ी मेहनत का परिणाम है।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि “विकसित छत्तीसगढ़” बनाने के लिए खेतों तक पानी पहुँचाना और किसानों को मजबूत करना सबसे जरूरी है। हमारी सरकार का लक्ष्य है कि पानी की हर एक बूंद का सही उपयोग हो, जिससे किसानों की कमाई बढ़े और उन्हें खेती से ज्यादा फायदा हो।
छत्तीसगढ़ के मॉडल में क्या है खास?
केंद्र सरकार ने अपनी चिट्ठी में खास तौर पर बताया है कि छत्तीसगढ़ ने बिना किसी बाहरी मदद के, अपने खुद के पैसों और संसाधनों से इस योजना पर काम शुरू किया है। राज्य सरकार ने सिंचाई की क्षमता बढ़ाने और पानी के सही बंटवारे के लिए जो नियम बनाए हैं, वे देश के लिए एक मिसाल हैं।
केंद्र सरकार के अनुसार, छत्तीसगढ़ का यह तरीका दिखाता है कि राज्य सरकार अपने किसानों के प्रति कितनी गंभीर है। दूसरे राज्य भी अपनी जरूरत के हिसाब से छत्तीसगढ़ के इस मॉडल को अपना सकते हैं। [1]
