छत्तीसगढ़ में टेक्सटाइल क्रांति: सीएम साय के विजन को मिले पंख, तमिलनाडु की कंपनी करेगी बड़ा निवेश

रायपुर, 26 जून 2026। नवा रायपुर बनेगा देश का नया गारमेंट हब: सीएम विष्णु देव साय के ‘विजन’ से टेक्सटाइल पार्क को लगे पंख, तमिलनाडु की ‘स्विफ्ट टेक्सटाइल्स’ करेगी ₹235 करोड़ का पहला निवेश

  • इन्वेस्टर कनेक्ट की सफलता: तिरुपुर रोड शो में मुख्यमंत्री की पहल पर हुए एमओयू (MoU) धरातल पर उतरे, तमिलनाडु की दिग्गज कंपनी ने छत्तीसगढ़ में रखा कदम। [1]
  • ग्लोबल मार्केट पर नजर: स्विफ्ट टेक्सटाइल्स नवा रायपुर की यूनिट में यूरोप और अमेरिका के लिए बनाएगी किड्स वियर और निट गारमेंट्स।
  • बड़ी शुरुआत: 81 एकड़ के भव्य टेक्सटाइल पार्क में पहली औद्योगिक इकाई का भूमिपूजन संपन्न, 4,650 स्थानीय लोगों को मिलेगा सीधा रोजगार।
  • महिला सशक्तिकरण: मुख्यमंत्री की पहल से छत्तीसगढ़ के युवाओं और महिलाओं को पलायन से मिलेगी मुक्ति, घर के पास मिलेगी सम्मानजनक आजीविका।


छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की उद्योग-हितैषी नीतियों के चलते राज्य में औद्योगिक क्रांति का एक नया अध्याय शुरू होने जा रहा है। नवा रायपुर को देश के प्रमुख टेक्सटाइल एवं गारमेंट निर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करने की मुख्यमंत्री की परिकल्पना अब धरातल पर उतर आई है। इस महाअभियान के तहत नवा रायपुर (अटल नगर) के ग्राम कुरू में विकसित हो रहे आधुनिक टेक्सटाइल पार्क में तमिलनाडु की प्रतिष्ठित कंपनी स्विफ्ट टेक्सटाइल्स प्राइवेट लिमिटेड (Swift Textiles Pvt. Ltd.) की नवीन वस्त्र निर्माण इकाई का भव्य भूमिपूजन संपन्न हुआ है। कंपनी द्वारा किए जा रहे ₹235 करोड़ के इस भारी-भरकम निवेश से प्रदेश के 4,650 से अधिक युवाओं और विशेषकर महिलाओं के लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए द्वार खुलेंगे।

‘इन्वेस्टर कनेक्ट रोड शो’ की बड़ी कामयाबी, निवेशकों का बढ़ा भरोसा

विभागीय अधिकारियों के अनुसार, इस निवेश की नींव मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश पर देश के सबसे बड़े कपड़ा उद्योग केंद्र तिरुपुर (तमिलनाडु) में आयोजित ‘छत्तीसगढ़ इन्वेस्टर कनेक्ट’ (Chhattisgarh Investor Connect) के दौरान रखी गई थी। इस रोड शो और इन्वेस्टर मीट में छत्तीसगढ़ सरकार के प्रतिनिधिमंडल ने राज्य की नई औद्योगिक नीति, बिजली सब्सिडी और निवेश के अनुकूल माहौल को देश के शीर्ष उद्योगपतियों के सामने मजबूती से रखा था। छत्तीसगढ़ सरकार की इस बड़ी और सक्रिय पहल से प्रभावित होकर ही स्विफ्ट टेक्सटाइल्स ने राज्य में इस विशाल निवेश को तत्काल मंजूरी दी और आज यह धरातल पर साकार हो रहा है।

मंत्रियों की मौजूदगी में हुआ भूमिपूजन, तीन कंपनियों को मिले भूखंड

राज्य में औद्योगिक विकास को रफ्तार देने के लिए वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन तथा आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने इस पहली गारमेंट मैन्युफैक्चरिंग यूनिट की नींव रखी। इस अवसर पर सीएसआईडीसी (CSIDC) के चेयरमैन श्री राजीव अग्रवाल भी उपस्थित रहे। इस 81 एकड़ के पार्क में अब तक तीन प्रमुख कपड़ा कंपनियों (स्विफ्ट टेक्सटाइल्स, पुनीत क्रिएशंस और दृष्टि) को भूखंड आवंटित किए जा चुके हैं, जो कुल मिलाकर ₹445 करोड़ का निवेश कर रही हैं। इनमें से स्विफ्ट टेक्सटाइल्स की परियोजना राज्य में कपड़ा क्षेत्र के सबसे बड़े रोजगारोन्मुखी निवेशों में से एक है।

मुख्यमंत्री का संकल्प: “स्थानीय प्रतिभाओं को राज्य में ही मिले काम”

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस प्रगति पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा है कि नवा रायपुर का यह महत्वाकांक्षी टेक्सटाइल पार्क छत्तीसगढ़ के विकास में मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार का मुख्य फोकस स्थानीय युवाओं और महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण है। मुख्यमंत्री ने कहा, “हमारा लक्ष्य केवल उद्योग लगाना नहीं, बल्कि अपनी स्थानीय प्रतिभाओं को उनके घर के पास ही रोजगार के सर्वोत्तम अवसर उपलब्ध कराना है। नवा रायपुर का टेक्सटाइल पार्क छत्तीसगढ़ के युवाओं के सपनों को नई उड़ान देगा।” उन्होंने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार निवेशकों को विश्वस्तरीय अधोसंरचना (World-class Infrastructure) और पारदर्शी सिंगल-विंडो सिस्टम के जरिए हर संभव मदद देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

विदेशी बाजारों में चमकेगा छत्तीसगढ़ का नाम

स्विफ्ट टेक्सटाइल्स प्राइवेट लिमिटेड की यह इकाई पूरी तरह से आधुनिक तकनीकों से लैस होगी। इस यूनिट में निर्मित होने वाले प्रीमियम बुने हुए कपड़े (Knit Garments) और बच्चों के रेडीमेड कपड़े (Kidswear) सीधे यूरोप और संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय बाजारों में निर्यात किए जाएंगे। इससे न केवल छत्तीसगढ़ का नाम वैश्विक स्तर पर चमकेगा, बल्कि राज्य के निर्यात राजस्व में भी भारी बढ़ोतरी होगी।

आर्थिक मजबूती और महिला सशक्तिकरण का नया मॉडल

विशेषज्ञों के अनुसार, टेक्सटाइल और गारमेंट उद्योग एक ऐसा क्षेत्र है जहां सबसे अधिक मानव श्रम (Labor-intensive) की आवश्यकता होती है। इस पार्क के पूर्ण रूप से चालू होने के बाद न केवल छत्तीसगढ़ से होने वाले पलायन पर पूरी तरह रोक लगेगी, बल्कि ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का बड़ा मंच मिलेगा। पहली यूनिट में मिलने वाला 4,650 से अधिक लोगों का रोजगार तो महज एक शुरुआत है; आने वाले समय में जब अन्य बड़ी कंपनियां यहां अपनी इकाइयां स्थापित करेंगी, तो यह आंकड़ा कई गुना बढ़ जाएगा। इससे छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था को एक नई गति और मजबूती मिलना तय है।

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