पैदल स्कूल जाने का दर्द बीते दिनों की बात; साय सरकार की साइकिल से वैष्णवी के सपनों को लगे पंख

सूरजपुर/रायपुर, 29 जून २०२६:
छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी ‘सरस्वती साइकिल वितरण योजना’ प्रदेश के दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाली बालिकाओं के लिए वरदान साबित हो रही है। यह योजना न केवल छात्राओं की स्कूल तक पहुँच को सुगम बना रही है, बल्कि उनके भीतर आत्मनिर्भरता और उच्च शिक्षा के प्रति एक नया विश्वास भी जगा रही है। इसी कड़ी में सूरजपुर जिले की होनहार छात्रा वैष्णवी कसेरा के सपनों को इस योजना के माध्यम से एक नई उड़ान मिली है।

सरस्वती साइकिल योजना से वैष्णवी के सपनों को मिली नई उड़ान, शिक्षा की राह हुई आसान

सूरजपुर की छात्रा वैष्णवी ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और छत्तीसगढ़ सरकार का जताया आभार, कहा— “अब पैरों को नहीं, मेरे हौसलों को मिलेंगे पंख”

पैदल सफर का दर्द हुआ दूर, पढ़ाई को मिलेगी गति

सूरजपुर जिले के बाजारपारा की रहने वाली वैष्णवी कसेरा शासकीय कन्या उच्च माध्यमिक विद्यालय में पढ़ती हैं। वैष्णवी ने अपनी खुशी साझा करते हुए बताया कि स्कूल दूर होने के कारण उन्हें हर दिन कड़ी धूप और मौसम की मार झेलते हुए पैदल आना-जाना पड़ता था। लंबी दूरी पैदल तय करने की वजह से उनका काफी समय और ऊर्जा नष्ट हो जाती थी, जिसका सीधा असर उनकी पढ़ाई पर पड़ रहा था।

वैष्णवी ने भावुक होते हुए कहा, “पहले पैर थक जाते थे और समय पर स्कूल पहुँचने की चिंता बनी रहती थी। लेकिन अब छत्तीसगढ़ सरकार से निःशुल्क साइकिल मिलने के बाद मेरी राह आसान हो गई है। अब मैं न सिर्फ समय पर स्कूल पहुँचूँगी, बल्कि बचे हुए समय का उपयोग मन लगाकर पढ़ाई करने में करूँगी। इस साइकिल ने मेरे सपनों को नए पंख दे दिए हैं।”

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का जताया आभार

अपनी सफलता और सुगम भविष्य की राह दिखने पर वैष्णवी ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और छत्तीसगढ़ शासन के प्रति दिल से आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि यह योजना केवल साइकिल बांटने का उपक्रम नहीं है, बल्कि यह बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें समाज में बराबरी का हक दिलाने की दिशा में एक क्रांतिकारी और सार्थक कदम है।

ड्राप-आउट दर को कम करने में मील का पत्थर

उल्लेखनीय है कि सरस्वती साइकिल वितरण योजना छत्तीसगढ़ सरकार की एक प्रमुख कल्याणकारी पहल है। इसका मुख्य उद्देश्य हाई स्कूल (कक्षा ९वीं) में प्रवेश लेने वाली छात्राओं, विशेषकर अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारों की बालिकाओं को निःशुल्क साइकिल प्रदान करना है।

अक्सर देखा गया है कि ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में स्कूल दूर होने के कारण कई बालिकाएँ बीच में ही पढ़ाई छोड़ देती हैं (ड्रॉप-आउट)। सरकार की इस योजना ने इस समस्या का सटीक समाधान निकाला है। साइकिल मिलने से छात्राओं में शिक्षा के प्रति उत्साह का माहौल है और ग्रामीण क्षेत्रों में बालिकाओं के ड्रॉप-आउट दर में भारी कमी दर्ज की जा रही है।

उज्ज्वल भविष्य की ओर बढ़ते कदम

सूरजपुर जिले में वैष्णवी जैसी हजारों बेटियों के चेहरे पर आई यह मुस्कान इस बात का प्रमाण है कि साय सरकार की नीतियां सीधे जमीन पर असर दिखा रही हैं। निःशुल्क साइकिल योजना से अब बेटियां सुरक्षित, समय पर और बिना किसी बाधा के स्कूल पहुँच रही हैं, जिससे उनके उज्ज्वल भविष्य का मार्ग और अधिक सुगम हो गया है।

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