रायपुर, 1 जुलाई 2026:
नया रायपुर के नकटी में सरकारी जमीन पर चला बुलडोजर, लेकिन नहीं टूटने दिया गरीबों का भरोसा
उजाड़ा नहीं, संवारा आशियाना: नया रायपुर में हटा अतिक्रमण तो सरकार ने 65 परिवारों को सौंप दी पक्के मकानों की चाबी!
बेघर होने से पहले ही संवर गया भविष्य; सेक्टर-30 के सर्वसुविधायुक्त PM आवास में शिफ्टिंग शुरू, पंखे-लाइट से लेकर पानी-सड़क तक सब दुरुस्त

नया रायपुर के ग्राम नकटी में शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की मुहिम के बीच छत्तीसगढ़ सरकार ने विकास और मानवीय संवेदनशीलता का एक अनूठा उदाहरण पेश किया है [छत्तीसगढ़ सरकार, जिला प्रशासन]। उजाड़ने के बजाय बसाने की नीति पर चलते हुए शासन-प्रशासन ने प्रभावित 65 परिवारों को बेघर छोड़ने के बजाय, उन्हें नया रायपुर अटल नगर के सेक्टर-30 स्थित सर्वसुविधायुक्त ईडब्ल्यूएस (EWS) आवासों में शिफ्ट करने की बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है [छत्तीसगढ़ सरकार, जिला प्रशासन]।
38 एकड़ सरकारी जमीन होगी मुक्त, बनेगी शानदार आवासीय योजना
ग्राम नकटी में छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल की लगभग 38 एकड़ शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा था। इस बेशकीमती जमीन को खाली कराने के बाद इसका उपयोग इस तरह होगा:
- 12 एकड़ भूमि: शासन की एक विशेष और महत्वाकांक्षी योजना के लिए उपयोग की जाएगी।
- 26 एकड़ भूमि: इस शेष हिस्से पर मंडल अपनी स्ववित्तीय सामान्य आवास योजना विकसित करेगा।
सिर्फ छत नहीं, बिजली-पानी और पार्क से लैस नया आशियाना
भूमि को खाली कराने के साथ ही जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 65 पात्र परिवारों की सूची तैयार की। इन परिवारों को बीते 29 जून 2026 को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत सेक्टर-30 के रिक्त ईडब्ल्यूएस फ्लैट्स का अस्थायी आवंटन कर दिया गया।
पुनर्वास को कागजी खानापूर्ति से दूर रखते हुए सरकार ने इन मकानों को तत्काल रहने योग्य बनाया है। प्रभावितों के शिफ्ट होने से पहले ही घरों में ट्यूबलाइट, पंखे और बिजली की पूरी व्यवस्था मुकम्मल कर दी गई है।
नया घर, नई सहूलियतें: यह सिर्फ पुनर्वास नहीं, सम्मान है
विस्थापित परिवारों को नए आवासीय परिसर में आधुनिक शहरी जीवन की ये सुविधाएं मिलेंगी:
- बुनियादी ढांचा: 24 घंटे शुद्ध पेयजल, पक्की सड़कें और आधुनिक सीवर सिस्टम।
- कम्युनिटी लाइफ: सामाजिक आयोजनों के लिए सामुदायिक भवन और बच्चों के लिए सुंदर उद्यान (पार्क)।
- रेडी टू मूव: शिफ्टिंग से पहले ही घरों में बिजली, पंखे और ट्यूबलाइट फिट।
गड़बड़ी रोकने के लिए बनी 8 सदस्यीय हाईपावर कमेटी
पुनर्वास की पूरी प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रहे और किसी भी परिवार को परेशानी न हो, इसके लिए मुख्यालय के अपर आयुक्त की अध्यक्षता में एक आठ सदस्यीय समिति गठित की गई है। इस हाईपावर कमेटी में उपायुक्त, कार्यपालन अभियंता, संपदा अधिकारी और सहायक अभियंता शामिल हैं। यह समिति मौके पर रहकर हर पात्र परिवार को बिना किसी अव्यवस्था के मकान दिलाना सुनिश्चित कर रही है।
“प्रशासन का उद्देश्य केवल जमीन खाली कराना नहीं, बल्कि हर नागरिक के पुनर्वास का ध्यान रखना भी है। मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार हमने अतिक्रमण हटाने से पहले ही 65 परिवारों के लिए पक्के मकानों की व्यवस्था सुनिश्चित की, ताकि किसी भी गरीब को खुले आसमान के नीचे न सोना पड़े।”
— जिला प्रशासन / गृह निर्माण मंडल अधिकारी
