निवेशकों को लुभाने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार का बड़ा दांव: सीएस बोले—कम करें औपचारिकताएं, बढ़ाएं पारदर्शिता

रायपुर, 1 जुलाई 2026:मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के विजन ‘स्मार्ट गवर्नेंस’ को अमलीजामा पहनाने में जुटी प्रशासनिक मशीनरी: ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस बिल, 2026’ के प्रारूप पर मुख्य सचिव की हाईलेवल मीटिंग, 180 सरकारी सेवाएं होंगी पूरी तरह आसान
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के ‘सुशासन और पारदर्शी प्रशासन’ के संकल्प को पूरा करने की दिशा में राज्य सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम आगे बढ़ा दिया है। मुख्यमंत्री के विजन के अनुरूप प्रदेश में निवेश को रफ्तार देने और लालफीताशाही को पूरी तरह खत्म करने के लिए ’ईज ऑफ डूइंग बिजनेस (डीरिग्युलेशन एंड फैसिलिटेशन) बिल, 2026’ का खाका तैयार कर लिया गया है। मुख्यमंत्री श्री साय के कड़े निर्देशों के बाद आज मंत्रालय महानदी भवन में मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में वरिष्ठ सचिवों की एक उच्चस्तरीय और बेहद महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई।

मुख्यमंत्री साय का विजन: न फाइलें अटकेंगी, न चक्कर काटेंगे उद्योगपति

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने स्पष्ट संदेश दिया है कि छत्तीसगढ़ में निवेश के लिए आने वाले उद्यमियों को किसी भी प्रकार की प्रशासनिक लेटलतीफी का सामना न करना पड़े। मुख्यमंत्री के इसी निर्देश को धरातल पर उतारने के लिए तैयार किए गए नए ऑपरेटिंग फ्रेमवर्क (परिचालन ढांचे) पर बैठक में विस्तृत समीक्षा की गई। इस नई व्यवस्था के तहत ’इन्वेस्ट छत्तीसगढ़’ को एक अत्यंत सशक्त माध्यम बनाया जा रहा है। प्रशासनिक तंत्र को पूरी तरह जवाबदेह बनाने के लिए यह कार्यप्रणाली पांच प्रमुख मार्गदर्शक सिद्धांतों पर काम करेगी, जिससे उद्योगों को हर मंजूरी तय समय-सीमा के भीतर मिल सकेगी।

9 विभागों का इंटीग्रेशन और 180 शासकीय सेवाओं का कायाकल्प

मुख्यमंत्री साय के डिजिटल छत्तीसगढ़ और सुगम सुशासन के तहत पहले चरण में राज्य के 9 सबसे महत्वपूर्ण विभागों को इस एकीकृत व्यवस्था से जोड़ा जा रहा है। इसका सबसे बड़ा असर यह होगा कि आम नागरिकों और व्यवसायियों से जुड़ी 180 शासकीय सेवाओं का पूरी तरह सरलीकरण किया जाएगा। मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप इस सुधार से आम जनता को छोटे-छोटे कामों और अनुमतियों के लिए दफ्तरों के चक्कर काटने से हमेशा के लिए मुक्ति मिल जाएगी। पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन, पारदर्शी और मानवीय हस्तक्षेप से मुक्त (Faceless) बनाने पर जोर दिया जा रहा है।

मुख्य सचिव ने दिए सख्त निर्देश: मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप बनाएं निवेश-अनुकूल माहौल

बैठक में मुख्य सचिव श्री विकासशील ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशों का हवाला देते हुए सभी विभागों के आला अफसरों को आपसी समन्वय से काम करने को कहा। मुख्य सचिव ने साफ तौर पर निर्देश दिए कि:

  • प्रशासनिक प्रक्रियाओं में मौजूद हर तरह की बाधा और जटिलता को तुरंत हटाया जाए।
  • निवेशकों के लिए राज्य में एक सुरक्षित, जवाबदेह और पूरी तरह पारदर्शी माहौल तैयार किया जाए।
  • इस नए कानून के लागू होने से छत्तीसगढ़ देश के सबसे पसंदीदा निवेश केंद्रों (Investment Hubs) में शामिल होगा।
  • सरकारी सेवाओं की गति इतनी तेज और प्रभावी हो कि आम आदमी को शासन की संवेदनशीलता का अहसास हो।

बैठक में मौजूद रहे इन विभागों के शीर्ष अधिकारी

मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) की सीधी निगरानी में हो रही इस प्रशासनिक सर्जरी की बैठक में राज्य के कई दिग्गज अधिकारी मौजूद रहे। इनमें:

  • श्रीमती निहारिका बारिक (प्रमुख सचिव, गृह एवं जेल विभाग)
  • श्रीमती सुषमा सावंत (प्रमुख सचिव, विधि एवं विधायी विभाग)
  • श्री अविनाश चम्पावत (सचिव, सामान्य प्रशासन विभाग)
  • श्री रजत कुमार (सचिव, वाणिज्य एवं उद्योग विभाग)
  • सुश्री आर.शंगीता (सचिव, नगरीय प्रशासन विभाग)
  • श्री अंकित आनंद (सचिव, आवास एवं पर्यावरण विभाग)
  • श्री मुकेश कुमार बंसल (सचिव, मुख्यमंत्री एवं वाणिज्यिक कर विभाग)
  • डॉ. एस.भारतीदासन (सचिव, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग) सहित अन्य वरिष्ठ नौकरशाह उपस्थित थे।

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