बंदूक पर भारी पड़ी शिक्षा की गूंज: बीजापुर में 21 साल बाद खुले 11 स्कूलों के ताले; CM साय की सुशासन नीति से बस्तर में लौटा ‘नया सवेरा’

रायपुर/बीजापुर, 1 जुलाई 2026:

बीजापुर में विकास का नया सवेरा: 21 साल बाद पीडिया क्षेत्र के 11 स्कूलों में गूंजी बच्चों की किलकारी, CM विष्णु देव साय की बड़ी कामयाबी
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व वाली सरकार में बस्तर संभाग के नक्सल प्रभावित इलाकों में विकास, सुरक्षा और सुशासन का एक ऐतिहासिक दौर शुरू हो चुका है। इसका सबसे जीवंत और प्रेरक उदाहरण बीजापुर जिले का अत्यंत संवेदनशील माना जाने वाला ‘पीडिया क्षेत्र’ बना है। यहां माओवादी हिंसा और खौफ के कारण पिछले 21 वर्षों से बंद पड़े 11 सरकारी स्कूलों का पुनर्संचालन शुरू कर दिया गया है। प्रशासन के इस मजबूत कदम से अब क्षेत्र के 11 गांवों के 539 मासूम बच्चों को पढ़ाई के लिए अपना घर और गांव छोड़कर दूर-दराज के इलाकों में भटकना नहीं पड़ेगा। उन्हें अपने ही गांव में शिक्षा का अधिकार मिल रहा है। यह बदलाव केवल बंद स्कूलों के ताले खुलने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बस्तर के घोर अंदरूनी इलाकों में लोकतंत्र, शासन के प्रति विश्वास और नई उम्मीदों की बहाली का एक बड़ा प्रतीक है।

उत्सव जैसा माहौल: तिलक लगाकर और मिठाई खिलाकर बच्चों का स्वागत

पीडिया गांव में आयोजित भव्य ‘शाला प्रवेशोत्सव’ कार्यक्रम में एक भावुक और ऐतिहासिक नजारा देखने को मिला। जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती जानकी कोरसा ने मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर इस ऐतिहासिक शुरुआत का शुभारंभ किया। स्कूल पहुंचे बच्चों का पारंपरिक रूप से तिलक लगाकर, मुंह मीठा कराकर और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाओं के साथ स्वागत किया गया। इस मौके पर नन्हे-मुन्ने बच्चों को शासन की ओर से नए स्कूल बैग, कॉपियां, पेन, स्लेट और अन्य शिक्षण सामग्रियां बांटी गईं, जिससे उनके चेहरे खिल उठे। इस दौरान शिक्षा व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए स्थानीय ‘शिक्षादूतों’ को भी आधिकारिक हाजिरी रजिस्टर और जरूरी शिक्षण सामग्रियां सौंपी गईं। इस ऐतिहासिक पल का गवाह बनने के लिए बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधि, ग्रामीण और बच्चों के माता-पिता भावुक होकर शामिल हुए।

इन 11 गांवों में फिर से लौटेगी शिक्षा की रोशनी

दशकों पहले माओवादी आतंक और हिंसा की भेंट चढ़े जिन गांवों के स्कूलों को दोबारा जिंदा किया गया है, उनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:

  • पीडिया
  • पेदापाल
  • छोटेगोटोडी
  • कुएम
  • मदपाल
  • अंडरी
  • इडेनार
  • डोंडीतुमनार
  • मिरगानघोटूल
  • गमपुर
  • तमोड़ी

जिला प्रशासन का महा-अभियान: इस साल अब तक 37 बंद स्कूल चालू

बीजापुर के जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) श्री राजेश पांडे ने इस सफलता की तकनीकी जानकारी देते हुए बताया कि जिला प्रशासन के एक विशेष और आक्रामक अभियान के तहत इस चालू शैक्षणिक वर्ष में अब तक कुल 37 बंद पड़े स्कूलों को दोबारा जीवित किया जा चुका है। इनमें 20 प्राथमिक विद्यालय (Primary Schools) और 17 उच्च प्राथमिक विद्यालय (Middle Schools) शामिल हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल स्कूल खोलना ही लक्ष्य नहीं है, बल्कि इन सभी स्कूलों में पक्के भवन, शुद्ध पेयजल, बिजली और बच्चों के बैठने के लिए अन्य जरूरी बुनियादी सुविधाएं युद्ध स्तर पर विकसित की जा रही हैं।

“कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित नहीं रहेगा” – कलेक्टर विश्वदीप

बीजापुर के कलेक्टर श्री विश्वदीप ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर कहा कि जिले के अंतिम छोर पर बैठे प्रत्येक बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाना जिला प्रशासन की सबसे पहली प्राथमिकता है। उन्होंने दृढ़ता के साथ कहा, “सुरक्षा बलों के कड़े प्रयासों से जिन अंदरूनी क्षेत्रों में अब स्थाई शांति और सामान्य स्थिति स्थापित हो चुकी है, वहां बंद पड़े स्कूलों को चरणबद्ध (Phase-wise) तरीके से दोबारा शुरू किया जा रहा है। सरकार और प्रशासन का संकल्प है कि बस्तर का कोई भी बच्चा शिक्षा के उजाले से वंचित न रहे।”

यह ऐतिहासिक कदम साफ तौर पर दर्शाता है कि बस्तर में अब बंदूक की गड़गड़ाहट पर शिक्षा की गूंज भारी पड़ रही है और साय सरकार का ‘बस्तर विकास मॉडल’ जमीन पर रंग ला रहा है।

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