विशेष संवाददाता, रायपुर 1 जुलाई।
ऐतिहासिक फैसला: अब ग्रामीणों को 100 की जगह मिलेगा 125 दिनों का रोजगार, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री मोदी का जताया आभार
छत्तीसगढ़ जैसे कृषि प्रधान राज्य के लिए संजीवनी बनेगा नया ग्रामीण आजीविका मिशन; गांवों में बढ़ेगा सम्मान और बढ़ेगी महिलाओं की भागीदारी
देश के ग्रामीण अंचल की सूरत बदलने और ग्रामीणों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने एक युगांतकारी कदम उठाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में ‘विकसित भारत – गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ का भव्य शुभारंभ किया गया है। इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत अब ग्रामीण परिवारों को मिलने वाले रोजगार की कानूनी गारंटी को 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन कर दिया गया है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस निर्णय को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह ग्रामीण भारत के सशक्तीकरण में मील का पत्थर साबित होगा।

ग्रामीण परिवारों के स्वाभिमान और सशक्तिकरण का नया संकल्प
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा, “आज का दिन देश के ग्रामीण विकास की दिशा में एक बेहद महत्वपूर्ण पड़ाव है। यह योजना महज रोजगार के आंकड़े बढ़ाने का प्रशासनिक निर्णय नहीं है। असल में यह हमारे ग्रामीण परिवारों के सम्मान, उनके खोए हुए आत्मविश्वास और आर्थिक सशक्तिकरण को वापस लौटाने का एक पवित्र संकल्प है।” मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि 125 दिनों के वैधानिक रोजगार अधिकार से ग्रामीणों की आजीविका को ऐसी मजबूती मिलेगी, जिसकी कल्पना लंबे समय से की जा रही थी।
छत्तीसगढ़ की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई रफ्तार
मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से छत्तीसगढ़ का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारा राज्य कृषि, वनोपज और समृद्ध ग्रामीण परंपराओं से जुड़ा हुआ है। ऐसे में इस योजना का सबसे बड़ा लाभ छत्तीसगढ़ के सीधे-साधे और मेहनतकश ग्रामीणों को मिलेगा।
योजना से छत्तीसगढ़ को होने वाले प्रमुख लाभ:
- रोजगार के नए अवसर: गांवों में ही बारहमासी रोजगार के साधन उपलब्ध होंगे, जिससे पलायन पर प्रभावी रोक लगेगी।
- विकास कार्यों में तेजी: अतिरिक्त 25 दिनों के रोजगार से गांवों में बुनियादी ढांचे (सड़क, जल संरक्षण, सामुदायिक भवन) का निर्माण तेजी से होगा।
- महिला सशक्तिकरण: इस मिशन के जरिए ग्रामीण महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी, जिससे वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनेंगी।
- मजबूत ग्रामीण अर्थव्यवस्था: ग्रामीणों के हाथ में पैसा आने से स्थानीय बाजारों में मांग बढ़ेगी और छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था को नया बल मिलेगा।
विकसित और आत्मनिर्भर गांवों का सपना होगा साकार
मुख्यमंत्री श्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यह ‘गारंटी’ गांवों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सबसे बड़ा हथियार बनेगी। उन्होंने कहा, “मुझे पूरा भरोसा है कि यह ऐतिहासिक पहल विकसित, आत्मनिर्भर और समृद्ध गांवों के निर्माण के हमारे साझा संकल्प को और अधिक ऊर्जा देगी। छत्तीसगढ़ सरकार इस मिशन को राज्य के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम करेगी।”
इस निर्णय के बाद पूरे राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों और किसान संगठनों में हर्ष की लहर है। जानकारों का मानना है कि रोजगार के दिनों में की गई यह बढ़ोतरी ग्रामीण भारत की क्रय शक्ति (Buying Power) को बदलने में गेम-चेंजर साबित होगी।
