छत्तीसगढ़: सुशासन की ‘योग’ साधना; चिंतन शिविर में CM साय और मंत्रियों ने की दिन की शुरुआत

IIM रायपुर में ‘योगमय’ सुबह: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मंत्रिमंडल संग किए आसन और प्राणायाम, कहा— ‘जनता की सेवा के लिए तन-मन का स्वस्थ होना पहली शर्त’

रायपुर, 05 जुलाई।

छत्तीसगढ़ के भविष्य का नया रोडमैप तैयार करने और प्रशासनिक व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने के लिए नवा रायपुर में चल रहे हाई-प्रोफाइल ‘चिंतन शिविर 3.0’ के दूसरे दिन की शुरुआत बेहद अनूठे और ऊर्जावान अंदाज में हुई। भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) के स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में रविवार की सुबह राजनीति और फाइलों की गहमागहमी से दूर, पूरी तरह ‘योग’ के रंग में रंगी नजर आई। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अपने पूरे मंत्रिमंडल के साथ तड़के ही योगाभ्यास कर राज्य को ‘स्वस्थ जीवनशैली और अनुशासित सुशासन’ का महामंत्र दिया।

‘शांत मन और स्वस्थ शरीर ही सुशासन का आधार’

​मंत्रिमंडल के साथ विभिन्न आसनों और प्राणायाम का अभ्यास करने के बाद मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने योग को भारत की सनातन धरोहर बताया। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि छत्तीसगढ़ के विकास के लिए कड़े और प्रभावी फैसले लेने के लिए शारीरिक और मानसिक रूप से सजग रहना अनिवार्य है।

​”योग सिर्फ व्यायाम नहीं, बल्कि हमारी प्राचीन ज्ञान परंपरा की वह अमूल्य धरोहर है जो शांत मन और संतुलित जीवन का निर्माण करती है। जब तक नेतृत्व करने वाले शारीरिक और मानसिक रूप से सुदृढ़ नहीं होंगे, तब तक सुशासन की परिकल्पना अधूरी है। इसी सकारात्मक ऊर्जा और एकाग्रता के साथ हम राज्य के विकास पर सार्थक मंथन कर रहे हैं।”

विष्णु देव साय, मुख्यमंत्री

​CM साय ने छत्तीसगढ़ की जनता से संवाद करते हुए भावुक अपील भी की कि हर नागरिक को अपनी व्यस्त दिनचर्या में से कुछ समय निकालकर योग को अपने जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए।

एक जाजम पर दिखा पूरा मंत्रिमंडल, जमी ‘टीम छत्तीसगढ़’ की केमिस्ट्री

​IIM रायपुर के खेल परिसर में आयोजित इस विशेष योग सत्र में केवल फिटनेस ही नहीं, बल्कि सरकार की ‘टीम बॉन्डिंग’ भी साफ नजर आई। मुख्यमंत्री के साथ कंधे से कंधा मिलाकर सभी मंत्रियों ने पूरे अनुशासन के साथ जटिल आसनों का अभ्यास किया। इस सामूहिक योगाभ्यास ने यह संदेश दिया कि साय सरकार छत्तीसगढ़ के विकास के लिए ‘एक टीम, एक लक्ष्य’ के सिद्धांत पर काम कर रही है।

योगाभ्यास में शामिल रहे सरकार के ये दिग्गज:

  • डिप्टी सीएम: श्री अरुण साव
  • वरिष्ठ विंग: श्री केदार कश्यप (वन), श्री रामविचार नेताम (कृषि), श्री दयालदास बघेल (खाद्य), श्री लखनलाल देवांगन (उद्योग)
  • यंग एवं फ्रंटलाइन विंग: श्री श्याम बिहारी जायसवाल (स्वास्थ्य), श्री टंकराम वर्मा (राजस्व), श्री राजेश अग्रवाल (पर्यटन), श्री गजेंद्र यादव (स्कूल शिक्षा)
  • महिला नेतृत्व: श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े (महिला एवं बाल विकास) (इसके साथ ही IIM रायपुर के शीर्ष प्रबंधन और प्रशासनिक अधिकारी भी इस ऊर्जावान सत्र का हिस्सा बने।)

फाइलों के साथ फिटनेस, साय सरकार का नया वर्क कल्चर

​राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, ‘चिंतन शिविर 3.0’ की यह शुरुआत छत्तीसगढ़ की प्रशासनिक संस्कृति में एक बड़े बदलाव का संकेत है। सुबह योग के जरिए मानसिक एकाग्रता हासिल करना और फिर दिनभर राज्य की नीति-रणनीति पर गंभीर विमर्श करना यह दर्शाता है कि साय सरकार पूरी तरह से ‘कॉपोरेट एफिशिएंसी’ (निगमित कार्यकुशलता) और भारतीय मूल्यों के मिश्रण के साथ छत्तीसगढ़ को आगे बढ़ाने के मिशन पर काम कर रही है। यह योग सत्र मंत्रियों को आगामी तीन दिनों के कड़े बौद्धिक सत्रों के लिए ऊर्जा से लबरेज करने का एक शानदार प्रयास है।

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