मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की प्रदेशवासियों से भावुक अपील— “धरती और माँ के प्रति कृतज्ञता जताने का यह महा-आंदोलन, हर नागरिक बने इसका हिस्सा”
रायपुर | 5 जुलाई 2026
- नवा रायपुर के आईआईएम (IIM) परिसर में चिंतन शिविर के दूसरे दिन हुआ भव्य पौधारोपण।
- मुख्यमंत्री के साथ पूरी कैबिनेट ने पौधे रोपकर दिया पर्यावरण संरक्षण का ऐतिहासिक संदेश।
- ‘हरित और विकसित छत्तीसगढ़’ के संकल्प को जनभागीदारी से पूरा करेगी साय सरकार।
रायपुर:
छत्तीसगढ़ को देश का सबसे समृद्ध और हरित राज्य बनाने की दिशा में आज एक ऐतिहासिक और भावुक अध्याय जुड़ गया। नवा रायपुर स्थित देश के प्रतिष्ठित भारतीय प्रबंध संस्थान (आईआईएम) में आयोजित ‘चिंतन शिविर 3.0’ के दूसरे दिन मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने देशव्यापी महा-अभियान ‘एक पेड़ माँ के नाम’ के तहत गरिमामय वातावरण में पौधारोपण किया। यह केवल एक सरकारी औपचारिकता नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की माटी को और समृद्ध बनाने का एक जन-संकल्प बनकर उभरा।

इस महा-अभियान को नई ऊंचाइयों पर ले जाते हुए मुख्यमंत्री के साथ राज्य मंत्रिपरिषद के सभी सदस्यों ने भी एक-एक पौधा रोपा। पूरी कैबिनेट का एक साथ प्रकृति के संरक्षण के लिए आगे आना यह साफ संदेश देता है कि साय सरकार विकास और पर्यावरण के संतुलन को लेकर कितनी गंभीर और संवेदनशील है।

“यह केवल वृक्षारोपण नहीं, हमारी संस्कृति और संवेदना का प्रतीक है”
पौधारोपण के बाद मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस अभियान के गहरे सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व को रेखांकित किया। मुख्यमंत्री ने बेहद दमदार शब्दों में कहा:
”‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान महज एक पारंपरिक वृक्षारोपण कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह हमारी धरती और जन्म देने वाली माँ के प्रति असीम आदर और कृतज्ञता प्रकट करने का एक अनूठा माध्यम है। यह अभियान पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ हमारी सामाजिक संवेदनाओं को सशक्त बनाने का एक ऐतिहासिक प्रयास है।”
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि पेड़ लगाना हमारी आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित करने जैसा है। उन्होंने छत्तीसगढ़ के कोने-कोने से हर नागरिक, युवा और सामाजिक संगठनों से इस अभियान से जुड़कर इसे एक व्यापक जन-आंदोलन बनाने का पुरजोर आह्वान किया।
जनभागीदारी से बदलेगी छत्तीसगढ़ की तस्वीर
मुख्यमंत्री श्री साय ने सरकार के विज़न को स्पष्ट करते हुए कहा कि राज्य सरकार ‘हरित एवं विकसित छत्तीसगढ़’ के निर्माण के लिए पूरी तरह से संकल्पित है। उन्होंने जोर देकर कहा कि कोई भी बड़ा बदलाव बिना जनभागीदारी के संभव नहीं है। यही वजह है कि राज्य सरकार जन-केंद्रित और पर्यावरण-अनुकूल नीतियों को निरंतर प्रोत्साहित कर रही है।
मंत्रिपरिषद ने पेश की एकजुटता और इच्छाशक्ति की मिसाल
’चिंतन शिविर’ के इस विशेष सत्र में पूरी कैबिनेट का सामूहिक रूप से जमीन पर उतरकर पौधारोपण करना राज्य के प्रशासनिक इतिहास में एक शानदार और असरदार संदेश छोड़ गया। मंत्रियों ने इस मौके पर कहा कि आज रोपे गए ये पौधे आने वाले समय में छत्तीसगढ़ की खुशहाली, शुद्ध हवा और समृद्ध पर्यावरण की गारंटी बनेंगे।
नवा रायपुर का आईआईएम परिसर आज न केवल राज्य की भावी नीतियों के ‘चिंतन’ का गवाह बना, बल्कि प्रकृति के प्रति सरकार की अटूट निष्ठा का भी प्रतीक बन गया।
