घूंघट से उड़ान तक: ‘दीदी के गोठ’ का एक साल बेमिसाल; 9 जुलाई को रायपुर में जुटेगा ग्रामीण नारी शक्ति का महाकुंभ

रायपुर 7 जुलाई । छत्तीसगढ़ की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ और नारी सशक्तिकरण की सबसे बुलंद आवाज बन चुका “दीदी के गोठ” कार्यक्रम इतिहास रचने जा रहा है। छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के तहत ग्रामीण महिलाओं के जीवन में बदलाव की नई इबारत लिखने वाले इस मंच ने अपनी सफलता का एक वर्ष पूरा कर लिया है।

​इस ऐतिहासिक उपलब्धि के जश्न और ग्रामीण शक्ति के महासंगम के रूप में आगामी 9 जुलाई 2026 को राजधानी के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में “दीदी के गोठ वार्षिकोत्सव–2026” सह संकुल स्तरीय संगठन सम्मेलन का एक बेहद भव्य और विशाल आयोजन होने जा रहा है।

​इस महा-सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में सूबे के यशस्वी मुख्यमंत्री विष्णु देव साय शामिल होकर ग्रामीण नेतृत्व का हौसला बढ़ाएंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता उपमुख्यमंत्री एवं पंचायत व ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा करेंगे।

संघर्ष को सलाम, सफलता का सम्मान

​यह आयोजन सिर्फ एक उत्सव नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की माटी की उन बेटियों के संघर्ष, हौसले और उनकी नेतृत्व क्षमता को सलाम करने का मंच है, जिन्होंने रूढ़ियों को तोड़कर आत्मनिर्भरता की नई परिभाषा लिखी है।

  • अचीवर्स का सम्मान: साल भर अपनी प्रतिभा से समाज को प्रेरित करने वाली ग्रामीण महिलाओं को राज्य स्तर पर सम्मानित किया जाएगा।
  • विकास का नया रोडमैप: कार्यक्रम में बिहान की एक साल की उपलब्धियों का लेखा-जोखा पेश होगा और भविष्य में ग्रामीण महिलाओं को ग्लोबल मार्केट से जोड़ने की नई रणनीति पर मुहर लगेगी।
  • हाईटेक खेती: महिलाओं ने ‘ड्रोन दीदी’ बनकर आसमान छुआ और ‘एफपीसी’ के जरिए व्यापार के गुर सीखे।
  • डिजिटल और वित्तीय सुरक्षा: ‘साइबर सुरक्षा’ और ‘वित्तीय जागरूकता’ अपनाकर ग्रामीण महिलाएं अब फ्रॉड से खुद को बचा रही हैं।
  • लोकल टू ग्लोबल: ‘सरस मेला’ और “छत्तीसकला” ब्रांड के जरिए छत्तीसगढ़ के पारंपरिक हुनर को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई।

इस पूरी एकवर्षीय गौरवशाली और प्रेरणादायक यात्रा का एक विशेष महा-प्रसारण 9 जुलाई 2026 को किया जाएगा, जो हर छत्तीसगढ़ी को गर्व से भर देगा।

बदलाव के इस महाकुंभ में आप भी हों शामिल

​इस गरिमामयी समारोह में राज्यभर से हजारों स्व-सहायता समूहों की दीदियां, जन-प्रतिनिधि, शासन के आला अधिकारी और समाज के विभिन्न क्षेत्रों के मार्गदर्शक शामिल होकर इस ऐतिहासिक क्षण के गवाह बनेंगे।

​छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) ने प्रदेश के सभी प्रबुद्ध नागरिकों, हितधारकों और मीडिया जगत से अपील की है कि वे इस महाकुंभ में अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराकर ग्रामीण नारी शक्ति के इस महा-उत्सव को और अधिक भव्य तथा सफल बनाएं।

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