छत्तीसगढ़ में PM आवास 2.0 पर ‘सुपर एक्शन’ में सरकार, मुख्य सचिव की कलेक्टरों को दोटूक— “दफ्तर छोड़ें, जमीन पर उतरें और ढूंढकर दें गरीबों को मकान”

महा-अभियान: छत्तीसगढ़ में PM आवास 2.0 पर ‘सुपर एक्शन’ में सरकार, मुख्य सचिव की कलेक्टरों को दोटूक— “दफ्तर छोड़ें, जमीन पर उतरें और ढूंढकर दें गरीबों को मकान”

मिशन मोड में ‘भूमि टास्क फोर्स’: शहरों से गांवों तक सरकारी जमीनों की कुंडली खंगालने के आदेश; भविष्य की आबादी के हिसाब से बनेगा ‘मेगा मास्टर प्लान’

विशेष संवाददाता | रायपुर, 8 जुलाई।

छत्तीसगढ़ में हर गरीब के सिर पर अपनी पक्की छत के सपने को सच करने के लिए साय सरकार ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 (PMAY 2.0) को रिकॉर्ड समय में धरातल पर उतारने के लिए राज्य की ब्यूरोक्रेसी को ‘मिशन मोड’ पर डाल दिया गया है। बुधवार को मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित ‘प्रधानमंत्री आवास 2.0 भूमि टास्क फोर्स’ की हाई-प्रोफाइल बैठक में मुख्य सचिव श्री विकासशील ने बेहद आक्रामक और कड़ा रुख अख्तियार किया। उन्होंने राज्य के सभी जिला कलेक्टरों को दोटूक अल्टीमेटम देते हुए कहा कि योजना में किसी भी तरह की सुस्ती या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अफसर दफ्तरों से निकलकर खुद मैदान संभालें और आबादी जमीन पर रहने वाले एक-एक पात्र हितग्राही को ढूंढकर उनका सत्यापन करें।

“गरीबों का हक न मार पाए कोई, खुद खोजे प्रशासन”

​मुख्य सचिव ने साफ किया कि आवास योजना केवल एक प्रशासनिक टारगेट नहीं, बल्कि सरकार का संकल्प है। उन्होंने कलेक्टरों को निर्देशित किया कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में जो भी गरीब, बेघर या कच्चे मकानों में रह रहे हैं, प्रशासन उन तक खुद पहुंचे। कई बार पात्र लोग जानकारी के अभाव में आवेदन नहीं कर पाते, ऐसे में अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि वे आबादी भूमि पर रहने वाले योग्य परिवारों की पहचान करें, उनका वेरिफिकेशन करें और उन्हें आवास का हक दिलाएं।

CS के 3 कड़े फरमान: बदल जाएगी छत्तीसगढ़ की सूरत

  • जमीन की ‘सर्जिकल स्ट्राइक’: राजस्व विभाग तत्काल शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी जमीनों का सर्वेक्षण और चिन्हांकन पूरा करे, ताकि आवासीय प्रोजेक्ट्स के लिए जमीन की कोई कमी न हो।
  • 20 साल आगे की सोच: नगरीय निकायों को केवल आज की नहीं, बल्कि अगले दो दशकों की आबादी और आवासीय जरूरतों का सटीक आंकलन कर ‘फ्यूचर रेडी’ कार्ययोजना बनाने को कहा गया है।
  • गांवों के लिए मेगा रोडमैप: पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को ग्रामीण अंचलों में हितग्राहियों की सूची अपडेट कर तत्काल आवश्यकतानुसार आवास निर्माण का ब्लूप्रिंट सौंपने का आदेश।

फाइलें नहीं रुकेंगी, विभागों में रहेगा ‘कड़ा तालमेल’

​योजना की रफ्तार में कोई ‘रेड टेपिस्म’ (लालफीताशाही) आड़े न आए, इसके लिए मुख्य सचिव ने खुद कमान संभाल ली है। इस महा-बैठक में राज्य के तीन सबसे महत्वपूर्ण विभागों की टॉप ब्यूरोक्रेसी ने हिस्सा लिया।

​”हम सिर्फ मकान नहीं बना रहे, बल्कि छत्तीसगढ़ के सुनहरे भविष्य की नींव रख रहे हैं। जमीन आबंटन से लेकर हितग्राही के चयन तक की प्रक्रिया ‘क्रिस्टल क्लियर’ और बुलेट की रफ्तार से होनी चाहिए।”

श्री विकासशील, मुख्य सचिव

​बैठक में रणनीति को अंतिम रूप देने के लिए नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की सचिव श्रीमती आर. शंगीता, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी, और पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव श्री भीम सिंह सहित कई वरिष्ठ आईएएस अधिकारी मौजूद रहे। सभी सचिवों को आपस में को-ऑर्डिनेशन कर फाइलों का ऑन-द-स्पॉट निपटारा करने के निर्देश दिए गए हैं।

सम्पादक की नजर में (In-Focus):

​साय सरकार का यह कदम साफ संकेत देता है कि पीएम आवास 2.0 को लेकर राज्य में कोई कोताही नहीं बरती जाएगी। मुख्य सचिव का खुद टास्क फोर्स की बैठक लेकर कलेक्टरों को कसना यह बताता है कि आने वाले दिनों में छत्तीसगढ़ में आवास निर्माण की रफ्तार अब तक की सबसे तेज गति पकड़ने वाली है।

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