डिप्टी सीएम के तेवर कड़े, भ्रष्टाचार पर चला साय सरकार का बुलडोजर: जनमन सड़क धंसने पर ठेकेदार ब्लैकलिस्ट, दो इंजीनियर नपे
EE को सस्पेंड करने का प्रस्ताव; 12 टन की क्षमता वाली आदिवासियों की सड़क को 70 टन के ओवरलोड ट्रकों ने पीस डाला
रायपुर/कवर्धा, 9 जुलाई।
भ्रष्टाचार और लापरवाही के खिलाफ साय सरकार ने अब तक की सबसे बड़ी और कड़क नजीर पेश की है। कवर्धा के बोड़ला में ‘प्रधानमंत्री जनमन योजना’ के तहत विशेष पिछड़ी जनजातियों के लिए बनी करोड़ों की नई सड़क पहली ही बारिश में क्या धंसी, सीधे मंत्रालय तक भूचाल आ गया। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा की सीधी चेतावनी के बाद पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव भीम सिंह खुद लाव-लश्कर के साथ ग्राउंड जीरो (खारिया से अगरी मार्ग) पर डट गए।

सचिव ने बीच सड़क पर खड़े होकर ‘पोस्टमॉर्टम’ (कोर कटिंग) कराया, तो तकनीकी गड़बड़ियों का कच्चा चिट्ठा खुल गया। इसके बाद जो ‘हंटर’ चला, उसने पूरे महकमे को हिलाकर रख दिया। मौके पर ही दो इंजीनियरों को तत्काल सस्पेंड कर दिया गया, जबकि बड़े साहब (कार्यपालन अभियंता) को नापने के लिए निलंबन का प्रस्ताव सरकार को भेज दिया गया है। वहीं, दागदार ठेकेदार का बोरिया-बिस्तर समेटते हुए उसे हमेशा के लिए ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है।

एक्शन ऑन द स्पॉट: ये अफसर हुए सस्पेंड, ठेकेदार ‘ब्लैकलिस्टेड’
- सौरभ देशमुख (AE) व जे रितेश नायडू (Sub-Engg): फील्ड से नदारद रहने और मॉनीटरिंग में घोर लापरवाही पर तत्काल प्रभाव से सस्पेंड।
- संतोष कुमार ठाकुर (EE): सुपरविजन में जीरो साबित होने पर सस्पेंशन का प्रस्ताव मंत्रालय रवाना।
- दागी ठेकेदार: घटिया काम और जनता के पैसे की बर्बादी पर हमेशा के लिए ब्लैकलिस्ट।
🔥 ‘रेत माफिया’ का टॉर्चर और तकनीकी ‘घोलमाल’ बना सड़क का काल!
जांच में जो सनसनीखेज सच सामने आया है, उसने अफसरों के होश उड़ा दिए।
जिस ग्रामीण सड़क को आदिवासियों की सुविधा के लिए अधिकतम 10 से 12 टन
की क्षमता का बनाया गया था, उस पर रेत से लदे 60 से 70 टन के ओवरलोड
‘यमदूत’ (भारी ट्रक) बेखौफ दौड़ रहे थे। क्षमता से 6 गुना ज्यादा लोड
और अफसरों की मिलीभगत ने इस शानदार सड़क को मलबे में तब्दील कर दिया।
वैज्ञानिक जांच में खुली पोल: बीटी ठीक, लेकिन शोल्डर निर्माण में था ‘बड़ा खेल’
प्रेस नोट और विभागीय सूत्रों के मुताबिक, मौके पर हुई वैज्ञानिक और तकनीकी जांच में डामरीकरण (बाइंडर कंटेंट 6%) तो मानकों के अनुसार मिला, लेकिन ठेकेदार ने असली खेल सड़क के किनारों (शोल्डर) और पुलिया के पास किया:
- मिट्टी की मजबूती में चोरी: जहां मिट्टी का कॉम्पैक्शन (मजबूती) 100% अनिवार्य था, वह आर.डी. 1400 मीटर पर सिर्फ 95% और आर.डी. 2100 मीटर पर महज 94.68% मिला।
- पानी घुसा और सड़क खोखली: आर.डी. 1400 मीटर पर बनी पुलिया के पास मिट्टी की भराई (बैकफिलिंग) में इतनी लापरवाही थी कि बारिश का पानी शोल्डर से रिसकर सीधे सड़क के सब-बेस (निचली सतह) में घुस गया। पानी के इस रीसाव ने मजबूत सड़क को अंदर से खोखला कर दिया और भारी गाड़ियां पड़ते ही सड़क धंस गई।
डिप्टी सीएम का दोटूक आदेश: पूरी सड़क उखाड़ो, ठेकेदार के खर्च पर दोबारा बनाओ!
सचिव भीम सिंह ने मौके पर मौजूद अफसरों को अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि भ्रष्टाचार किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगा। सड़क का जो भी हिस्सा धंसा या क्षतिग्रस्त हुआ है, उसे जड़ से उखाड़कर नए सिरे से पूरी गुणवत्ता के साथ बनाया जाए। इसके साथ ही पूरे मार्ग के शोल्डर को री-डिजाइन और मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं।
अब खुलेगा ‘संयुक्त मोर्चा’, ओवरलोड वाहनों की नो-एंट्री:
“पीएम जनमन योजना की सड़कों पर आदिवासियों और ग्रामीणों का हक है, इसे ओवरलोड वाहनों की चारागाह नहीं बनने देंगे। अब इन रूटों पर भारी वाहनों की एंट्री पूरी तरह बैन होगी। परिवहन, पुलिस और राजस्व विभाग संयुक्त रूप से नाकेबंदी कर ओवरलोड गाड़ियों और माफियाओं पर अब तक की सबसे बड़ी दंडात्मक कार्रवाई करेंगे।”
— भीम सिंह, सचिव (पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग)
