धर्मांतरण पर साय सरकार का महाप्रहार: छत्तीसगढ़ में लागू हुआ देश का सबसे सख्त ‘धर्म स्वातंत्र्य कानून’

‘प्रभु राम के ननिहाल में अवैध खेल नहीं चलेगा’; रायपुर के इंडोर स्टेडियम में मुख्यमंत्री की बड़ी हुंकार

सनातन और संस्कृति के संरक्षण में झुकी साय सरकार; एक मंच से दी कई ऐतिहासिक सौगातें:

  • अयोध्याधाम का महासफर: ‘रामलला दर्शन योजना’ से 50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने किए दर्शन, सिलसिला जारी।
  • गौवंश की सुरक्षा का संकल्प: ग्रामीण अर्थव्यवस्था और संस्कृति को बल देने के लिए पूरे राज्य में लागू हुई ‘गौधाम योजना’
  • सांस्कृतिक पुनरुत्थान: शिवरीनारायण की पावन धरा और ‘राजिम कुंभ’ से वैश्विक पटल पर चमकेगा छत्तीसगढ़ का वैभव।

रायपुर, 13 जुलाई 2026

छत्तीसगढ़ की माटी में अब अवैध धर्मांतरण का कोई खेल नहीं चल सकेगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के मंच से राज्य की सांस्कृतिक सुरक्षा को लेकर अब तक का सबसे बड़ा और कड़ा संदेश दे दिया है।

​प्रख्यात कथा वाचक श्री देवकीनंदन ठाकुर जी महाराज की उपस्थिति में व्यास पीठ का आशीर्वाद लेने पहुंचे मुख्यमंत्री ने दोटूक शब्दों में साफ कर दिया कि छत्तीसगढ़ की सनातन परंपरा, सामाजिक समरसता और नैतिक मूल्यों के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।

देश का सबसे कठोर कानून: धर्मांतरण करने वालों की खैर नहीं

​मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने खचाखच भरे स्टेडियम में जनसमूह को संबोधित करते हुए एक ऐतिहासिक कदम का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि:

​”छत्तीसगढ़ की पावन धरा पर सामाजिक ताने-बाने को छिन्न-भिन्न करने वाली ताकतों और अवैध धर्मांतरण की साजिशों को जड़ से उखाड़ फेंकने के लिए राज्य में ‘धर्म स्वातंत्र्य कानून’ लागू कर दिया गया है। यह कानून देश के अन्य सभी राज्यों की तुलना में सबसे ज्यादा कठोर और सख्त प्रावधानों वाला है। इन प्रावधानों के बाद अब राज्य में अवैध धर्मांतरण की घटनाओं पर पूरी तरह से पूर्ण विराम लग जाएगा।”

रामलला के दर्शन से महकी आस्था, शक्तिपीठों का होगा कायाकल्प

​मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्रभु श्री राम का ननिहाल और माता कौशल्या का मायका है। भगवान राम के वनवास की स्मृतियों को सहेजते हुए राज्य सरकार श्रद्धालुओं की आस्था का सर्वोच्च सम्मान कर रही है। ‘प्रभु श्री रामलला दर्शन योजना’ के तहत अब तक राज्य के 50 हजार से अधिक रामभक्त मुफ्त में अयोध्याधाम के दर्शन कर पुण्य लाभ कमा चुके हैं। इसके साथ ही बुजुर्गों के लिए ‘मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना’ और छत्तीसगढ़ के प्रमुख शक्तिपीठों के समग्र विकास का काम युद्ध स्तर पर जारी है।

गौमाता के संरक्षण के लिए ‘गौधाम योजना’ का शंखनाद

​भारतीय संस्कृति और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के मूल स्तंभ गौवंश की सुरक्षा के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में ‘गौधाम योजना’ को प्रभावी ढंग से धरातल पर उतारा गया है। इसके तहत बनने वाले अत्याधुनिक गौधामों में गौवंश के लिए उत्तम चारा, शुद्ध पेयजल और चिकित्सा सुविधाओं का ऐसा तंत्र तैयार किया जा रहा है जो पूरे देश के लिए मिसाल बनेगा।

संस्कृति के संरक्षण का महा-आह्वान

​शिवरीनारायण में माता शबरी के दिव्य मिलन और ऐतिहासिक ‘राजिम कुंभ’ का गौरव गान करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ये आयोजन छत्तीसगढ़ के सांस्कृतिक और आध्यात्मिक वैभव की आत्मा हैं। उन्होंने पूरे प्रदेशवासियों से अपील की कि समाज में नैतिक मूल्यों, करुणा, सद्भाव और लोककल्याण की भावना को मजबूत करने के लिए हर नागरिक सनातन परंपरा और आध्यात्मिक मूल्यों के संरक्षण में अपनी सक्रिय आहुति दे।

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  • ऐतिहासिक घोषणा: अवैध धर्मांतरण के खिलाफ साय सरकार की सबसे बड़ी कानूनी नाकेबंदी।
  • आस्था का कीर्तिमान: 50,000 से ज्यादा छत्तीसगढ़िया नागरिकों को मिला रामलला के दर्शन का सौभाग्य।
  • संस्कृति रक्षा का संकल्प: व्यास पीठ के सामने मुख्यमंत्री ने लिया छत्तीसगढ़ को सांस्कृतिक रूप से नंबर वन बनाने का संकल्प।

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