रायपुर 14 जुलाई । छत्तीसगढ़ की धरती को लाल आतंक के दंश से पूरी तरह मुक्त कराने की दिशा में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने एक बेहद ऐतिहासिक, दमदार और साहसिक कदम उठाने का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री साय ने दोटूक शब्दों में साफ कर दिया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की इच्छाशक्ति के कारण ही आज छत्तीसगढ़ नक्सलवाद के खात्मे की दहलीज पर खड़ा है। इस अभूतपूर्व सफलता और मजबूत राजनीतिक नेतृत्व के सम्मान में अब छत्तीसगढ़ विधानसभा से देश की संसद और केंद्र सरकार को एक ऐतिहासिक धन्यवाद प्रस्ताव भेजा जाएगा।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने बेहद मुखर अंदाज में ‘डबल इंजन’ की ताकत को रेखांकित करते हुए कहा:
“देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के कुशल नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी के मार्गदर्शन में डबल इंजन सरकार में नक्सलवाद की समाप्ति हुई है। इसके लिए हम विधानसभा में केंद्र सरकार के प्रति धन्यवाद प्रस्ताव पारित करेंगे।”
💥 क्यों ऐतिहासिक है मुख्यमंत्री का यह कदम?
यह सिर्फ एक राजनीतिक धन्यवाद नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की ३ करोड़ जनता की ओर से अमन-चैन की नई सुबह का स्वागत है। छत्तीसगढ़ के संसदीय इतिहास में यह पहला मौका होगा जब नक्सलवाद जैसी दशकों पुरानी त्रासदी के खात्मे पर विधानसभा में इस तरह का गौरवशाली धन्यवाद प्रस्ताव पारित किया जाएगा।
🛡️ ‘मोदी की गारंटी’ और ‘शाह की रणनीति’ का अचूक प्रहार
- नक्सलियों की मांद में घुसकर प्रहार: सुरक्षा बलों को मिले “फ्री हैंड” और आधुनिक संसाधनों के दम पर जवानों ने नक्सलियों के कोर एरिया (गढ़) को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है।
- अमित शाह का ‘रोडमैप’: केंद्रीय गृह मंत्री के सीधे मार्गदर्शन और दिल्ली से मिली अभूतपूर्व मदद ने छत्तीसगढ़ पुलिस और केंद्रीय बलों (CRPF/BSF) का हौसला सातवें आसमान पर पहुंचा दिया।
- बदली बस्तर की तस्वीर: जो बस्तर कभी बारूदी धमाकों के लिए जाना जाता था, आज वहां विकास के तिरंगे लहरा रहे हैं।
🚀 विकास का ‘असरदार’ प्रहार: गोली भी, और नियत नेल्लानार भी!
साय सरकार की इस शानदार सफलता के पीछे केवल बंदूकें नहीं, बल्कि “विश्वास, विकास और सुरक्षा” की त्रिवेणी है।
- ‘नियत नेल्लानार’ (आपका अच्छा गांव) योजना: नक्सल प्रभावित अंदरूनी गांवों में सड़क, बिजली, मोबाइल टावर, स्कूल और अस्पताल पहुंचाकर सरकार ने नक्सलियों की आधार जमीन ही खिसका दी।
- आत्मसमर्पण का तूफान: सरकार की पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर सैकड़ों नक्सलियों ने हथियार छोड़े और मुख्यधारा में लौट आए।
- शहीदों के बलिदान को सच्चा सम्मान: विधानसभा में पारित होने वाला यह धन्यवाद प्रस्ताव उन तमाम वीर जवानों की शहादत और उनके परिजनों के त्याग को छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा ट्रिब्यूट (श्रद्धांजलि) होगा।
⚡ अब भयमुक्त छत्तीसगढ़ का नया सवेरा!
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की इस दहाड़ ने साफ कर दिया है कि छत्तीसगढ़ में अब ‘सफेदपोश मददगारों’ और ‘बंदूकधारियों’ का खेल हमेशा के लिए खत्म हो चुका है। विधानसभा में जब यह प्रस्ताव पटल पर रखा जाएगा, तो वह पल छत्तीसगढ़ की नियति बदलने और राज्य को देश का सबसे सुरक्षित, समृद्ध और निवेश-अनुकूल राज्य बनाने की दिशा में एक नया मील का पत्थर साबित होगा।
छत्तीसगढ़ का एक ही नारा — अब भयमुक्त, नक्सलमुक्त और समृद्ध छत्तीसगढ़ हमारा!
