खनिज माफियाओं पर प्रशासन का ‘वज्रपात’: सीएम हेल्पलाइन की शिकायत पर आधी रात को ‘सर्जिकल स्ट्राइक’

जीपीएम/रायपुर | 15 जुलाई 2026

​गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM) जिले में अवैध रेत और गिट्टी के काले कारोबार में संलिप्त माफियाओं के खिलाफ प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी और कड़क कार्रवाई की है। नवपदस्थ कलेक्टर श्री विजय दयाराम के. के कड़े और स्पष्ट निर्देश के बाद जिला खनिज विभाग एक्शन मोड में आ गया है।

​सीएम हेल्पलाइन (टोल फ्री नंबर-1076) पर मिली एक गुप्त शिकायत को हथियार बनाकर प्रशासन ने अवैध परिवहन में लगे 6 ट्रैक्टरों को रंगे हाथों धर दबोचा। इस औचक कार्रवाई ने यह साफ कर दिया है कि जिले में अब अवैध उत्खनन करने वालों के लिए कोई जगह नहीं बची है।

कार्रवाई का पूरा ब्योरा: कहाँ-कहाँ गरजा प्रशासन का ‘हंटर’?

​जैसे ही सीएम हेल्पलाइन के माध्यम से अवैध परिवहन का इनपुट मिला, कलेक्टर ने तत्काल जिला खनिज उड़नदस्ता दल को रवाना किया। दल ने पूरी रणनीति के साथ अलग-अलग क्षेत्रों में एक साथ दबिश दी:

क्षेत्र (इलाका)जब्त वाहनअवैध सामग्रीवर्तमान स्थिति
कोलबिर्रा एवं रुमगा03 ट्रैक्टररेतजब्त एवं पुलिस कस्टडी में
खंता एवं पिपरिया02 ट्रैक्टररेतजब्त एवं पुलिस कस्टडी में
सधवानी01 ट्रैक्टरगिट्टीजब्त एवं पुलिस कस्टडी में

“पैसा जमा करो, वरना कोर्ट जाओ…” – खनिज विभाग का सख्त रुख

​खनिज विभाग ने सभी वाहन स्वामियों के खिलाफ खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम के तहत कड़ा मामला दर्ज किया है। विभाग ने साफ चेतावनी दी है कि बिना भारी-भरकम अर्थदंड (जुर्माना) और समझौता राशि सरकारी खजाने (खनिज मद) में जमा किए, एक भी गाड़ी को मुक्त नहीं किया जाएगा।

कलेक्टर की दो टूक: “कागजी नहीं, धरातल पर चाहिए त्वरित एक्शन”

​कलेक्टर श्री विजय दयाराम के. ने जिले के सभी विभागों को स्पष्ट संदेश दे दिया है कि सीएम हेल्पलाइन केवल एक शिकायत दर्ज करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह जनता के प्रति जवाबदेही का पैमाना है।

​उन्होंने अधिकारियों को सख्त लहजे में निर्देशित किया है:

  • शून्य सहिष्णुता (Zero Tolerance): अवैध उत्खनन और परिवहन को पूरी तरह खत्म किया जाए।
  • पारदर्शी और त्वरित निराकरण: हेल्पलाइन की हर शिकायत का समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण निपटारा हो।
  • राजस्व की सुरक्षा: प्राकृतिक संसाधनों का अवैध दोहन कर शासन को चूना लगाने वालों को जेल की सलाखों के पीछे भेजा जाए।

बाज़ जैसी नज़र रखने वाली ‘स्पेशल टीम’

​माफियाओं के इस नेटवर्क को ध्वस्त करने में जिले के इन जांबाज अधिकारियों और जवानों की मुख्य भूमिका रही:

  1. श्री आदित्य मानकर (सहायक खनि अधिकारी) — रणनीति और नेतृत्व
  2. श्री सुजीत कंवर (खनि निरीक्षक) — ग्राउंड एक्शन
  3. श्री शिवकुमार लहरे (खनिज सिपाही) एवं श्री सतीश साहू (नगर सैनिक) — सुरक्षा एवं जब्ती

प्रशासन की जनता से अपील: “आप बनें हमारे गुप्तचर”

​जिला प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे अपने आस-पास होने वाले किसी भी प्रकार के अवैध रेत, गिट्टी या कोयला उत्खनन की जानकारी तत्काल सीएम हेल्पलाइन (1076) पर दें। आपकी पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी और माफियाओं पर तत्काल ‘वज्रपात’ किया जाएगा।

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