चलती-फिरती विज्ञानशाला बनेगी मील का पत्थर, मिडिल से लेकर हायर सेकेंडरी तक के छात्रों को मिलेगा व्यावहारिक ज्ञान: मुख्यमंत्री
पंडरिया/रायपुर 15 जुलाई :
पंडरिया विधानसभा क्षेत्र के स्कूली बच्चों के लिए शिक्षा और विज्ञान के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक और क्रांतिकारी पहल की शुरुआत हुई है। क्षेत्रीय विधायक श्रीमती भावना बोहरा की अनूठी सोच से तैयार ‘भावना दीदी की विज्ञानशाला’ (चलती-फिरती विज्ञानशाला) का भव्य लोकार्पण किया गया है। इस अभिनव प्रयास की चारों ओर सराहना हो रही है। स्वयं प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस पहल का स्वागत करते हुए विधायक भावना बोहरा को अपनी ओर से हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं प्रेषित की हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने संदेश में कहा:
“पंडरिया विधानसभा के मिडिल स्कूल, हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूल के बच्चों के लिए ‘भावना दीदी की विज्ञानशाला’ का लोकार्पण किया गया है। इसके लिए विधायक श्रीमती भावना बोहरा को बहुत-बहुत बधाई एवं शुभकामनाएं। यह एक अभिनव पहल है। यह एक चलती-फिरती विज्ञानशाला है, जो ग्रामीण अंचलों के बच्चों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने में मील का पत्थर साबित होगी।”
क्यों खास है ‘भावना दीदी की विज्ञानशाला’?
अक्सर ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों में सर्वसुविधायुक्त विज्ञान प्रयोगशाला (Science Lab) की कमी महसूस की जाती है, जिससे बच्चे केवल किताबों तक ही सीमित रह जाते हैं। इस समस्या का स्थाई समाधान निकालते हुए विधायक भावना बोहरा ने इस “मोबाइल लैब” (चलती-फिरती विज्ञानशाला) की परिकल्पना की है।
- द्वार पर पहुंचेगा विज्ञान: यह अत्याधुनिक वैन सीधे स्कूलों के द्वार तक पहुंचेगी।
- व्यावहारिक शिक्षा (Practical Learning): इसमें भौतिकी (Physics), रसायन शास्त्र (Chemistry) और जीव विज्ञान (Biology) के प्रयोगों से जुड़े उपकरण और प्रैक्टिकल किट्स मौजूद हैं।
- डिजिटल विजुअल्स: बच्चों को वैज्ञानिक सिद्धांतों को समझाने के लिए इसमें आधुनिक तकनीक और विजुअल एड्स का सहारा लिया जाएगा।
छात्रों में वैज्ञानिक सोच विकसित करने का अनूठा संकल्प
विधायक श्रीमती भावना बोहरा ने इस अवसर पर कहा कि उनका संकल्प पंडरिया विधानसभा के हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक शिक्षा दिलाना है। उन्होंने कहा, “यह सिर्फ एक वाहन नहीं, बल्कि हमारे बच्चों के सपनों की उड़ान है। जब बच्चे खुद प्रयोग करके विज्ञान को समझेंगे, तो देश को नए वैज्ञानिक, डॉक्टर और इंजीनियर मिलेंगे।”
क्षेत्र में हर्ष की लहर
इस अनूठी चलती-फिरती विज्ञानशाला के शुरू होने से पंडरिया विधानसभा के पालकों, शिक्षकों और विशेषकर स्कूली बच्चों में भारी उत्साह देखा जा रहा है। बुद्धिजीवियों का मानना है कि यह प्रयोग न केवल बच्चों की विज्ञान के प्रति रुचि बढ़ाएगा, बल्कि छत्तीसगढ़ के शिक्षा मॉडल को भी पूरे देश में एक नई पहचान देगा।
