* ‘इमर्जिंग छत्तीसगढ़-सशक्त नारी, समृद्ध प्रदेश’ कार्यक्रम में शामिल हुए सीएम विष्णुदेव साय
* बस्तर में शांति और विकास का नया अध्याय, नियद नेल्ला नार से 500 से ज्यादा गांव लाभान्वित
* 68.50 लाख महिलाओं को मिल रहा सीधा लाभ; धर्मांतरण रोकने लागू हुआ सख्त कानून

विशेष संवाददाता | 22 जुलाई रायपुर
छत्तीसगढ़ में महिला सशक्तिकरण, ढांचागत विकास और सुशासन के जरिए बदलाव की नई बयार बह रही है। राजधानी रायपुर में आयोजित ‘इमर्जिंग छत्तीसगढ़–सशक्त नारी, समृद्ध प्रदेश’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने राज्य सरकार के विजन, प्राथमिकताओं और अब तक हासिल की गई ऐतिहासिक उपलब्धियों का खाका प्रस्तुत किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ माता कौशल्या की पावन जन्मभूमि और भगवान श्रीराम का ननिहाल है। भारतीय संस्कृति में नारी सम्मान सर्वोपरि रहा है। राज्य सरकार महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण के लिए पूरी निष्ठा से काम कर रही है।
29 किश्तों में 18,800 करोड़ से बदली महिलाओं की तकदीर
मुख्यमंत्री ने बताया कि महतारी वंदन योजना के तहत प्रदेश की लगभग 68 लाख 50 हजार विवाहित महिलाओं के बैंक खातों में हर महीने 1,000 रुपये सीधे भेजे जा रहे हैं। अब तक 29 किश्तों के माध्यम से 18,800 करोड़ रुपये की राशि अंतरित की जा चुकी है।
स्वावलंबन की प्रेरणादायक तस्वीरें:
- दानसरा गांव का राम मंदिर: सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के दानसरा गांव की महिलाओं ने महतारी वंदन की राशि एकजुट कर भगवान श्रीराम के मंदिर का निर्माण शुरू कराया है।
- सिलाई व दुकान: कई महिलाएं इस राशि से सिलाई मशीन, किराना/सब्जी दुकान और बच्चों की पढ़ाई व सुकन्या समृद्धि योजना में निवेश कर परिवार के निर्णयों में सशक्त भूमिका निभा रही हैं।
- 30 लाख महिलाएं समूहों से जुड़ीं: प्रदेश के 2.86 लाख महिला स्व-सहायता समूहों के जरिए 30 लाख महिलाओं को रेडी-टू-ईट व स्वरोजगार ऋण से जोड़ा गया है।
बस्तर में बंदूक की गूंज शांत, विकास और रोजगार का नया दौर
चार-पांच दशकों तक नक्सल हिंसा झेल चुके बस्तर की स्थिति में आए ऐतिहासिक बदलाव का जिक्र करते हुए सीएम साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन, गृह मंत्री अमित शाह की इच्छाशक्ति और सुरक्षा बलों के साहस से बस्तर में शांति कायम हुई है।
- नियद नेल्ला नार योजना: सुरक्षा कैंपों के विकास दायरे को 5 से बढ़ाकर 10 किमी किया गया है। योजना से 500 से अधिक गांवों के लोगों को राशन, आयुष्मान कार्ड और 17 विभागों की 40 से अधिक योजनाओं की सीधी सुविधा मिल रही है।
- स्वास्थ्य एवं समाधान: ‘मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान’ के तहत 36 लाख लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण हुआ, वहीं ‘बस्तर मुन्ने योजना’ से अफसर खुद गांव-गांव पहुंचकर समस्याओं का समाधान कर रहे हैं।
- सिंचाई व पर्यटन: इंद्रावती नदी पर प्रस्तावित देउरगांव और मटनार परियोजनाओं से 80 हजार एकड़ भूमि सिंचित होगी। चित्रकोट, कुटुमसर और धुड़मारास जैसे स्थलों को विश्व पटल पर स्थापित किया जा रहा है। नई औद्योगिक नीति के तहत 5 कमरों तक के होम-स्टे के लिए ऋण और सब्सिडी का प्रावधान किया गया है।
कड़ा धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम लागू, UCC पर तेजी से काम
सामाजिक सुधारों और कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर बोलते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जबरन या छलपूर्वक धर्मांतरण रोकने के लिए छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम, 2026 लागू कर दिया गया है। इसके तहत धर्मांतरण कराने और करने वाले, दोनों को तय प्रक्रियाओं का कड़ाई से पालन करना होगा।
इसके साथ ही, राज्य में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने के लिए जस्टिस (सेवानिवृत्त) रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में गठित समिति तेजी से कार्य कर रही है। सरकार का प्रयास है कि आगामी शीतकालीन सत्र तक इसमें ठोस प्रगति दिखे।पीएससी घोटाले पर CBI कार्रवाई, 5 हजार शिक्षकों की जल्द भर्ती
युवाओं के भविष्य और रोजगार पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया:
- पारदर्शिता: पिछली सरकार के पीएससी घोटाले की जांच सीबीआई कर रही है और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई तय है।
- सरकारी नौकरियां: राज्य में जल्द ही 5,000 शिक्षकों की सीधी भर्ती की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
- औद्योगिक निवेश: निजी निवेश को बढ़ावा देने के लिए लाई गई नई औद्योगिक नीति के तहत पिछले 1.5 वर्षों में 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव (MoUs) प्राप्त हुए हैं, जिनसे लाखों युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
“चूड़ी के व्यवसाय से बदली जिंदगी”
कार्यक्रम में बलौदाबाजार की श्रीमती मीना देवांगन ने बताया कि महतारी वंदन योजना के पैसे से उन्होंने चूड़ी का नया व्यवसाय शुरू किया है, जिससे परिवार को बड़ा आर्थिक संबल मिला है। वहीं श्रीमती सरोज ने साझा किया कि इस राशि से वे अपने बच्चे की स्कूल फीस आसानी से दे पा रही हैं।
