💥 मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सख्त तेवर: किसानों के हक पर डाका डालने वालों पर होगी FIR; दो गोदाम सील, भारी मात्रा में नकली रासायनिक उत्पाद व मशीनरी जब्त
रायपुर/दुर्ग | 22 जुलाई 2026
खरीफ सीजन की शुरुआत के साथ ही राज्य में सक्रिय कृषि माफिया और अमानक खाद-कीटनाशक निर्माताओं के खिलाफ प्रदेश सरकार ने अब तक का सबसे बड़ा चाबुक चलाया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के कड़े निर्देशों के बाद एक्शन मोड में आए कृषि विभाग ने दुर्ग जिले में दबिश देकर अवैध जैव-उत्प्रेरक (बायो-स्टिमुलेंट) और कीटनाशकों के निर्माण व भंडारण का भंडाफोड़ किया है।
दुर्ग जिले के ग्राम चिंगरी (अंडा) में उड़नदस्ता दल ने भारी पुलिस बल और स्थानीय प्रशासन की मौजूदगी में दो गोदामों को सील कर दिया है। मौके से भारी मात्रा में कच्चा माल, रसायनों से भरे ड्रम, पैकिंग-सीलिंग मशीनें और तैयार उत्पाद जब्त किए गए हैं।

🔍 ताला तोड़ा तो खुला काले धंधे का राज: असहयोग करने पर पंचनामा बनाकर कार्रवाई
ग्राम चिंगरी स्थित चन्द्राकर किराना स्टोर्स परिसर में लंबे समय से अवैध बायो-स्टिमुलेंट और जहरीले रसायनों का निर्माण व भंडारण किया जा रहा था।
कार्रवाई का पूरा घटनाक्रम:
- गुप्त सूचना पर रेड: कृषि विभाग के जिला स्तरीय उड़नदस्ता दल को गुप्त सूचना मिली थी।
- बहानेबाज़ी पड़ी भारी: मौके पर गोदाम बंद मिलने पर किराएदार श्री वरुण त्रिपाठी को बुलाया गया, लेकिन उन्होंने जांच में सहयोग करने से साफ इनकार कर दिया।
- ताला तोड़कर प्रवेश: उड़नदस्ता दल ने तत्काल मकान मालिक, पंचों और ग्रामीणों की मौजूदगी में विधिवत पंचनामा तैयार किया और ताला तोड़कर भीतर प्रवेश किया।
- अवैध फैक्ट्री उजागर: गोदाम के अंदर का नजारा देखकर अधिकारी भी दंग रह गए। बिना किसी वैध अनुज्ञप्ति (Licence) के वहां केमिकल रिफाइनिंग, मिक्सिंग और ब्रांडेड पैकिंग का काम चल रहा था।
📦 क्या-क्या हुआ जब्त?
उड़नदस्ता टीम ने मौके से निम्नलिखित अवैध सामग्रियां सील की हैं:
- रसायन और कच्चा माल: जहरीले कैमिकल से भरे दर्जनों ड्रम और अनरजिस्टर्ड रॉ-मटीरियल।
- मशीनरी: ऑटोमैटिक पैकिंग मशीनें, सीलिंग यूनिट्स और ब्लेंडिंग इक्विपमेंट्स।
- तैयार उत्पाद: बिना किसी मानक (Standard) जांच के बाजार में खपाने के लिए तैयार नकली बायो-स्टिमुलेंट और कीटनाशक।
⚖️ FIR दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू, आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कसेगा शिकंजा
विभाग ने स्पष्ट किया है कि दोषियों को किसी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। संचालक के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955, उर्वरीकरण (नियंत्रण) आदेश 1985 तथा कीटनाशक अधिनियम 1968 की गंभीर धाराओं के तहत आपराधिक प्रकरण (FIR) दर्ज कराया जा रहा है।
गंभीर उल्लंघनों की सूची:
┌─────────────────────────────────────────────────────────┐
│ 1. बिना वैध अनुज्ञप्ति (Licence) के निर्माण व व्यापार │
│ 2. अमानक एवं प्रतिबंधित रसायनों का अवैध मिश्रण │
│ 3. स्टॉक एवं बिक्री अभिलेखों में भारी धांधली │
│ 4. सरकारी निरीक्षण में असहयोग और बाधा उत्पन्न करना │
└─────────────────────────────────────────────────────────┘
💬 अधिकारियों के कड़े बोल:
“किसानों की लागत और फसल से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगा। नकली कृषि उत्पाद बेचने वालों, कालाबाजारी करने वालों और कृत्रिम कमी पैदा करने वालों के लाइसेंस सीधे रद्द होंगे। जेल भेजना हमारी अगली प्राथमिकता है।”
— श्री संदीप भाई, उप संचालक (कृषि)🚜 किसानों से अपील और पूरे प्रदेश में हाई अलर्ट
राज्य सरकार ने साफ किया है कि खरीफ सीजन के दौरान पूरे छत्तीसगढ़ में यह सघन चेकिंग अभियान जारी रहेगा। सभी निजी उर्वरक विक्रेताओं और सहकारी समितियों को सख्त ताकीद दी गई है कि:
- निर्धारित दर पर ही उर्वरक बेचें।
- हर बिक्री का पक्का बिल (POS मशीन से) अवश्य दें।
📢 किसान भाइयों के लिए विशेष संदेश:
यदि कोई भी विक्रेता निर्धारित दर से अधिक मूल्य मांगे, अमानक/नकली उत्पाद बेचने का प्रयास करे, या खाद के साथ अन्य दवाइयां टैग करे, तो किसान तुरंत अपने निकटतम कृषि विभाग कार्यालय या जिला कृषि अधिकारी को सूचित करें। शिकायतकर्ता की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
