हुनर के दम पर चमकी नीलिमा, ‘मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना’ बनी वनांचल की महिलाओं का सुरक्षा कवच!

कभी आर्थिक तंगी से जूझती थीं, आज घर बैठे सिलाई से कमा रही हैं 6,000 रु. महीना; परिवार की बनीं मुख्य आधार

विशेष रिपोर्ट 26 जुलाई | रायपुर/मोहला
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की दूरदर्शी सोच और ‘मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना’ की बदौलत प्रदेश के सुदूर वनांचल क्षेत्रों में क्रांति की एक नई इबारत लिखी जा रही है। यह योजना केवल युवाओं को हुनरमंद ही नहीं बना रही, बल्कि उन्हें अपने पैरों पर खड़े होकर समाज में सिर उठाकर जीने का हौसला भी दे रही है। इसकी सबसे जीवंत मिसाल बनी हैं मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले के छोटे से गांव मोहला की श्रीमती नीलिमा देवांगन

सहेलियों के सुझाव से बदला किस्मत का रुख

नीलिमा देवांगन का जीवन तब बदला जब उन्हें अपनी सहेलियों से जिला परियोजना लाइवलीहुड कॉलेज, मोहला के निःशुल्क सिलाई (टेलरिंग) प्रशिक्षण की जानकारी मिली। आत्मनिर्भर बनने की चाहत में उन्होंने तुरंत दाखिला लिया और पूरी लगन से हुनर सीखा।
प्रशिक्षण में क्या खास रहा?

  • आधुनिक तकनीक: पारंपरिक तरीकों से आगे बढ़कर आधुनिक सिलाई-कढ़ाई की बारीकियां सीखीं।
  • उन्नत मशीनें: नए जमाने की सिलाई मशीनों का तेज और सटीक संचालन सीखा।
  • प्रोफेशनल फिनिशिंग: कपड़ों की कटिंग, डिजाइनिंग और फिनिशिंग में महारत हासिल की।
  • बिजनेस गुरुमंत्र: ग्राहकों से तालमेल और व्यवसाय चलाने का व्यावहारिक अनुभव लिया।

नौकरी मांगने वाली नहीं, रोजगार देने वाली बनने का संकल्प

“जब हुनर आपके हाथों में होता है, तो स्वाभिमान आपके चेहरे पर चमकता है।”

प्रशिक्षण पूरा होते ही नीलिमा ने नौकरी तलाशने के बजाय अपने ही घर में स्वरोजगार की नींव रखी। उनकी फिनिशिंग और काम की सफाई ऐसी थी कि देखते ही देखते पूरे गांव और आसपास के क्षेत्रों से महिलाओं व बच्चों के कपड़े सिलने के ढेरों ऑर्डर मिलने लगे।

  • पहली ही कमाई से धमाका: शुरुआत के पहले ही महीने से नीलिमा को 5,000 से 6,000 रुपये प्रति माह की पक्की आय होने लगी।
  • बदली परिवार की तस्वीर: इस आय ने उनके परिवार की तंगहाली दूर की और वित्तीय जरूरतों को मजबूती से संभाला।
  • बड़ा सपना: नीलिमा का अगला लक्ष्य अपने सिलाई सेंटर को बड़ा रूप देना है, ताकि वे क्षेत्र की अन्य महिलाओं को प्रशिक्षण देकर उन्हें भी रोजगार दे सकें।

मुख्यमंत्री के प्रति जताया सहृदय आभार

नीलिमा अपनी इस अभूतपूर्व सफलता का श्रेय कौशल विकास विभाग, जिला प्रशासन और लाइवलीहुड कॉलेज मोहला को देती हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का आभार व्यक्त करते हुए वे भावुक होकर कहती हैं:
“मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना ने मुझे सिर्फ सिलाई नहीं सिखाई, बल्कि अपने पैरों पर खड़े होने का स्वाभिमान दिया है। यह योजना हम जैसी ग्रामीण महिलाओं के लिए नए जीवन की शुरुआत जैसा वरदान है।”

निष्कर्ष

छत्तीसगढ़ शासन की यह योजना आज राज्य के हजारों युवाओं के सपनों को साकार कर रही है। नीलिमा देवांगन की यह कहानी इस बात का जीवंत प्रमाण है कि अगर योजनाएं धरातल पर ईमानदारी से उतरें, तो गांव-गांव में खुशहाली और आत्मनिर्भरता की नई भोर लाई जा सकती है।

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