संवेदनशीलता और त्वरित सुशासन की मिसाल: आवेदन के तुरंत बाद दिव्यांग मैकिन बाई के घर पहुंची व्हीलचेयर

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में दिव्यांगों को मिल रहा नया संबल और सम्मान; समाज कल्याण विभाग की मानवीय पहल से गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में दिखी ‘साय सरकार’ की धरातली मुस्तैदी

रायपुर / गौरेला-पेंड्रा-मरवाही 26 जुलाई ।
छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाली सुशासन सरकार समाज के अंतिम व्यक्ति तक न केवल योजनाओं का लाभ पहुंचा रही है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं के साथ आम जनता के जीवन में वास्तविक और सकारात्मक बदलाव ला रही है। विशेषकर दिव्यांगजनों के जीवन को अधिक सुगम, सम्मानजनक और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में राज्य सरकार की कार्यप्रणाली एक मिसाल बनती जा रही है। इसका एक जीवंत और प्रेरणादायी उदाहरण गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के दूरस्थ ग्रामीण इलाके में देखने को मिला, जहां एक दिव्यांग महिला के आवेदन करते ही शासन-प्रशासन की टीम खुद उनके दरवाजे पर व्हीलचेयर लेकर पहुंच गई।

तकलीफ से राहत तक: त्वरित कार्रवाई की अनूठी कहानी

गौरेला जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम बिजरवार (दौंजरा) की निवासी दिव्यांग मैकिन बाई लंबे समय से चलने-फिरने में गंभीर समस्याओं का सामना कर रही थीं। दैनिक दिनचर्या और आवागमन के लिए वे दूसरों पर निर्भर रहने को मजबूर थीं। अपनी इस लाचारी को दूर करने के लिए उन्होंने गत दिनों समाज कल्याण विभाग के कार्यालय पहुंचकर व्हीलचेयर हेतु आवेदन प्रस्तुत किया।

मानवीय दृष्टिकोण: जिस समय मैकिन बाई ने आवेदन दिया, उस वक्त कार्यालय में व्हीलचेयर तत्काल उपलब्ध नहीं थी। लेकिन विभाग ने उन्हें खाली हाथ लौटाने के बजाय तात्कालिक राहत के तौर पर वॉकर प्रदान किया, ताकि उनका दैनिक जीवन बाधित न हो।

अधिकारी खुद पहुंचे चौखट पर, सौंपी व्हीलचेयर

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के “बिना विलंब त्वरित जनसेवा” के निर्देशों का पालन करते हुए समाज कल्याण विभाग ने मामले को पूरी गंभीरता से लिया। सहायक संचालक श्री नितिन कुमार के मार्गदर्शन में विभागीय टीम ने त्वरित कागजी प्रक्रिया पूरी कर व्हीलचेयर का प्रबंध किया।
महज कुछ ही समय के भीतर विभागीय टीम खुद मैकिन बाई के गांव बिजरवार स्थित उनके घर पहुंची और पूरे आदर के साथ उन्हें नई व्हीलचेयर सौंपी। सरकारी अमले को खुद अपने घर पर राहत की सौगात लेकर खड़ा देख मैकिन बाई की आंखें खुशी और कृतज्ञता से भर आईं।

जीवन में लौटी सहजता और बढ़ा आत्मविश्वास

व्हीलचेयर मिलने के बाद मैकिन बाई के चेहरे पर आई मुस्कान साय सरकार की संवेदनशीलता की गवाही दे रही है। अब वे अपने दैनिक कार्य बिना किसी की मदद के, पूरी सहजता और आत्मविश्वास के साथ कर सकेंगी।

  • आवागमन में स्वतंत्रता: अब उन्हें घर के भीतर और आसपास आने-जाने के लिए दूसरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
  • सशक्त जीवन शैली: त्वरित सहायता से न केवल उनके दैनिक संघर्षों का अंत हुआ है, बल्कि उनके भीतर आत्मनिर्भरता का नया संचार हुआ है।
  • शासन पर अटूट विश्वास: इस त्वरित पहल ने ग्रामीण अंचल के लोगों का राज्य सरकार की कार्यशैली पर भरोसा और मजबूत किया है।

“योजनाएं सिर्फ कागजों में नहीं, धरातल पर दिख रहीं”: सुशासन की नई पहचान

छत्तीसगढ़ में विष्णुदेव साय सरकार का स्पष्ट संदेश है कि पात्र हितग्राहियों तक मदद पहुंचने में लालफीताशाही या अनावश्यक विलंब की कोई जगह नहीं है। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में समाज कल्याण विभाग की यह मानवीय और त्वरित पहल यह साबित करती है कि प्रदेश में सुशासन का अर्थ केवल नीतियां बनाना नहीं, बल्कि जरूरतमंदों के आंसुओं को पोंछकर उनके जीवन में वास्तविक खुशहाली लाना है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *