रायपुर 23 अप्रैल।
छत्तीसगढ़ विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र 30 अप्रैल 2026 को आयोजित किया जाएगा। विधानसभा सचिवालय ने इसके लिए आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है।

सत्र का मुख्य उद्देश्य नारी शक्ति वंदन अधिनियम (महिला आरक्षण) को लेकर विपक्ष की भूमिका पर चर्चा करना और उनके खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित करना है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कांग्रेस पर महिलाओं को उनके अधिकारों से वंचित रखने का आरोप लगाया है। सत्ता पक्ष का कहना है कि वे इस सत्र के माध्यम से ‘आधी आबादी’ (महिलाओं) की आवाज को प्रमुखता से उठाएंगे।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भाजपा के दावों को खारिज करते हुए आरोप लगाया है कि भाजपा जनगणना और परिसीमन जैसी शर्तों के माध्यम से आरक्षण के कार्यान्वयन में देरी कर रही है।
यह केवल एक दिन का विशेष सत्र होगा। इससे पहले छत्तीसगढ़ विधानसभा का बजट सत्र 20 मार्च 2026 को संपन्न हुआ था।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह सत्र आगामी चुनावों से पहले महिला मतदाताओं को साधने और सार्वजनिक विमर्श को प्रभावित करने की एक रणनीतिक पहल है।
