रायपुर, 7 मई 2026: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की प्रथम वर्षगांठ के अवसर पर भारतीय सेना के अदम्य साहस और पराक्रम को नमन किया। उन्होंने इस सैन्य अभियान को राष्ट्र के स्वाभिमान का गौरवशाली अध्याय बताते हुए कहा कि यह केवल एक जवाबी कार्रवाई नहीं थी, बल्कि आतंकवाद के विरुद्ध नए भारत के ‘शून्य सहिष्णुता’ (Zero Tolerance) के संकल्प की ऐतिहासिक जीत है।
आतंकवाद को दिया निर्णायक जवाब
मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने सोशल मीडिया हैंडल ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर जारी संदेश में पिछले वर्ष की घटना को याद करते हुए लिखा कि पहलगाम में सीमा पार से हुए कायराना आतंकी हमले ने पूरे देश को उद्वेलित कर दिया था। उन्होंने कहा, “आज से ठीक एक साल पहले हमारे वीर जवानों ने उस घिनौने कृत्य का ऐसा मुंहतोड़ जवाब दिया, जिसने इतिहास के पन्नों में शौर्य और संकल्प की एक नई गाथा लिख दी। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने दुनिया को यह स्पष्ट संदेश दिया है कि भारत अब केवल सहने वाला राष्ट्र नहीं, बल्कि प्रहार करने वाला समर्थ देश है।”
प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में ‘आत्मनिर्भर’ रक्षा शक्ति
श्री साय ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन में भारत ने आतंकवाद के खिलाफ कड़े फैसले लेने की इच्छाशक्ति दिखाई है। मुख्यमंत्री के अनुसार, “यशस्वी प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में भारत ने अपनी रक्षा व्यवस्था को न केवल अत्याधुनिक बनाया है, बल्कि आत्मनिर्भर भी किया है। भारतीय सेनाओं की संयुक्त शक्ति और हमारी युद्ध तकनीक ने यह सिद्ध कर दिया है कि मातृभूमि की रक्षा के लिए भारत किसी भी हद तक जाने में सक्षम है।”
बदल गया है भारत का स्वरूप
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ इस बात का प्रमाण है कि भारत अब अपनी सीमाओं की सुरक्षा के लिए किसी भी चुनौती का निर्णायक और प्रभावशाली जवाब देने की क्षमता रखता है। उन्होंने कहा कि आज का भारत आतंकवाद को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं करेगा और देश की ओर उठने वाली हर बुरी नजर को कुचलने का साहस रखता है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने उन सभी जांबाज सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की, जिन्होंने राष्ट्र की सुरक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। उन्होंने कहा कि पूरा देश और विशेष रूप से छत्तीसगढ़ की जनता भारतीय सेना के शौर्य को सलाम करती है।
