धमतरी की दोहरी उपलब्धि: विश्व की सबसे बड़ी भंडारण योजना की शुरुआत और चना खरीदी में प्रदेश का सिरमौर

रायपुर/धमतरी, 07 मई 2026

छत्तीसगढ़ में केंद्र और राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘विश्व की सबसे बड़ी अनाज भंडारण योजना’ (World’s Largest Grain Storage Plan) को धरातल पर उतारने में धमतरी जिले ने मिसाल पेश की है। सहकारी क्षेत्र को सशक्त बनाने की दिशा में उठाए गए कदमों के कारण आज धमतरी न केवल भंडारण के बुनियादी ढांचे (Infrastructure) में अग्रणी है, बल्कि चना खरीदी के मामले में भी पूरे प्रदेश में नया कीर्तिमान स्थापित कर चुका है।

चार समितियों को मिला ‘गोदाम हायरिंग एश्योरेंस’

योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए NCCF (भारतीय राष्ट्रीय उपभोक्ता सहकारी संघ मर्यादित) रायपुर द्वारा धमतरी जिले की चार प्रमुख प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों (PACS) को ‘गोदाम हायरिंग एश्योरेंस लेटर’ जारी किए गए हैं। इनमें शामिल समितियां हैं:

  1. अंवरी
  2. कोसमर्रा
  3. पोटियाडीह (अमदी)
  4. कोलियारी

इन समितियों में अत्याधुनिक भंडारण केंद्र विकसित किए जाएंगे, जो स्थानीय किसानों के लिए वरदान साबित होंगे।

2500 मीट्रिक टन की विशाल क्षमता और वैज्ञानिक भंडारण

प्रस्तावित गोदामों की क्षमता 2500 मीट्रिक टन प्रति इकाई होगी। इन गोदामों की सबसे बड़ी विशेषता इनका वैज्ञानिक तकनीक पर आधारित होना है। विशेष रूप से चने के भंडारण के लिए तैयार किए जा रहे इन केंद्रों में अनाज को नमी, कीटों और अन्य मौसमी प्रतिकूलताओं से सुरक्षित रखा जा सकेगा। इससे न केवल फसल की गुणवत्ता बनी रहेगी, बल्कि किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य भी मिल पाएगा।

चना खरीदी में धमतरी ने रचा इतिहास

भंडारण सुविधाओं के विस्तार के साथ-साथ धमतरी जिला विपणन के क्षेत्र में भी प्रदेश का सिरमौर बन गया है। जिले ने चना खरीदी के क्षेत्र में ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए छत्तीसगढ़ के अन्य सभी जिलों को पीछे छोड़ दिया है। इस सफलता के पीछे सुदृढ़ सहकारी व्यवस्था और प्रशासन की कुशल निगरानी को मुख्य कारण माना जा रहा है।

सहकारी क्षेत्र को मिलेगी नई मजबूती

इस योजना के तहत पैक्स (PACS) को सशक्त बनाने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी। अब समितियों के पास स्वयं का विशाल भंडारण बुनियादी ढांचा होगा, जिससे वे केवल अनाज संग्रहण केंद्र ही नहीं, बल्कि व्यावसायिक केंद्रों के रूप में भी विकसित हो सकेंगी।
धमतरी जिले का यह मॉडल यह सिद्ध करता है कि यदि सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन सही दिशा में हो, तो किसानों की आय और कृषि अधोसंरचना में क्रांतिकारी बदलाव लाया जा सकता है। धमतरी की यह उपलब्धि अब प्रदेश के अन्य जिलों के लिए एक प्रेरणा स्रोत बन गई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *