रायपुर/बलौदाबाजार, 07 मई 2026
छत्तीसगढ़ सरकार की मंशा के अनुरूप आम जनता की समस्याओं के त्वरित और प्रभावी निराकरण के लिए आयोजित ‘सुशासन तिहार’ शिविर ग्रामीणों के लिए वरदान साबित हो रहे हैं। इन शिविरों के माध्यम से शासन-प्रशासन स्वयं जनता के द्वार तक पहुँच रहा है। इसी कड़ी में बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के ग्राम पंचायत मोहतरा में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में जिला प्रशासन की संवेदनशीलता और कार्यकुशलता का एक प्रेरक उदाहरण सामने आया है।

आवेदन के कुछ ही मिनटों में मिला स्वास्थ्य सुरक्षा का कवच
शिविर में ग्राम मोहतरा की निवासी श्रीमती कौशिल्या साहू अपनी स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं को लेकर पहुँची थीं। उन्होंने बेहतर इलाज की सुविधा के लिए आयुष्मान कार्ड बनवाने हेतु अपना आवेदन अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत किया। मामले की गंभीरता और शासन की प्राथमिकता को देखते हुए संबंधित विभाग के अधिकारियों ने तत्काल सक्रियता दिखाई।
अधिकारियों ने मौके पर ही कौशिल्या साहू की पात्रता की ऑनलाइन जाँच की और कागजी प्रक्रियाओं को मिनटों में पूर्ण कर लिया। शिविर स्थल पर ही कार्ड प्रिंट कर उन्हें सौंप दिया गया। अपनी आँखों के सामने इतनी तेजी से काम होते देख कौशिल्या साहू की खुशी का ठिकाना नहीं रहा।
हितग्राही ने जताया आभार
तत्काल आयुष्मान कार्ड प्राप्त होने पर कौशिल्या साहू ने प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा, “मैंने सोचा नहीं था कि आवेदन देते ही कार्ड मेरे हाथ में होगा। अब मुझे अपनी बीमारी के इलाज के खर्च की चिंता नहीं रहेगी। सुशासन तिहार वास्तव में हम गरीबों की समस्याओं को दूर करने का एक बड़ा माध्यम बन गया है।”
क्या है सुशासन तिहार का उद्देश्य?
कलेक्टर के निर्देशन में आयोजित इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना और दफ्तरों के चक्कर काटने की मजबूरी को खत्म करना है। मोहतरा के शिविर में न केवल स्वास्थ्य विभाग, बल्कि राजस्व, पंचायत एवं समाज कल्याण विभाग सहित विभिन्न विभागों के स्टॉल लगाए गए थे, जहाँ ग्रामीण अपनी समस्याओं का सीधा समाधान प्राप्त कर रहे हैं।
प्रशासन की इस मुस्तैदी ने यह साबित कर दिया है कि यदि मंशा साफ हो, तो सरकारी प्रक्रियाओं की जटिलता को दूर कर आम जन को तत्काल राहत दी जा सकती है।
