रायपुर, 27 मई 2026।SARTHAK-PDS फेज-2: सीएम साय ने बताया ऐतिहासिक निर्णय, कहा—गरीब कल्याण और खाद्य सुरक्षा में तकनीक लाएगी 100% पारदर्शिता
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा ‘SARTHAK-PDS फेज-2’ को दी गई 25,530 करोड़ रुपये की मंजूरी का पुरजोर स्वागत किया है। उन्होंने इसे देश में गरीब कल्याण, खाद्य सुरक्षा और सुशासन की दिशा में एक ऐतिहासिक और दूरदर्शी कदम बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना से सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) पूरी तरह तकनीक आधारित, पारदर्शी, जवाबदेह और नागरिक-केंद्रित बनेगी।

तकनीक से रुकेगी गड़बड़ी: AI और ब्लॉकचेन का होगा इस्तेमाल
मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि केंद्र और राज्य की ‘डबल इंजन सरकार’ गरीबों तक शत-प्रतिशत पारदर्शिता के साथ सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। SARTHAK-PDS फेज-2 के तहत राशन वितरण प्रणाली को हाईटेक किया जा रहा है। इसमें निम्नलिखित आधुनिक तकनीकों का समावेश होगा:

- AI-इनेबल्ड लाभार्थी रजिस्ट्री: फर्जी राशन कार्ड धारकों पर रोक लगेगी।
- जीपीएस ट्रैकिंग और क्यूआर कोड टैगिंग: राशन की गाड़ियों और बोरियों की लाइव ट्रैकिंग होगी।
- रियल-टाइम मॉनिटरिंग: अनाज के उठाव से लेकर वितरण तक की हर मिनट की जानकारी मिलेगी।
- मशीन लर्निंग और ब्लॉकचेन: सप्लाई चेन प्रबंधन मजबूत होगा और डेटा सुरक्षित रहेगा।
राशन दुकान डीलरों का बढ़ेगा मानदेय, आर्थिक सहयोग देगी केंद्र सरकार
सीएम साय ने स्पष्ट किया कि यह योजना केवल तकनीकी सुधारों तक सीमित नहीं है। केंद्र सरकार इसके तहत राज्यों को राशन परिवहन, हैंडलिंग और उचित मूल्य दुकानों (FPS) के संचालन में आने वाली बढ़ती लागत के लिए आर्थिक मदद भी देगी। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि राशन दुकान के डीलरों के पारिश्रमिक (कमीशन) में वृद्धि का प्रावधान किया गया है। इससे जमीनी स्तर पर काम करने वाले डीलरों का मनोबल बढ़ेगा और वितरण व्यवस्था अधिक प्रभावी होगी।

2031 तक सुरक्षित रहेगी खाद्य सुरक्षा
मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि 31 मार्च 2031 तक संचालित होने वाली यह महायोजना राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत आने वाले करोड़ों पात्र परिवारों के लिए मील का पत्थर साबित होगी। आधुनिक डिजिटल नवाचारों से न केवल सार्वजनिक वितरण प्रणाली में जनविश्वास बढ़ेगा, बल्कि अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक अनाज की समयबद्ध पहुंच सुनिश्चित होगी। यह कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘अंत्योदय’ के संकल्प को और अधिक मजबूत करेगा।
