विशेष संवाददाता,रायपुर 2 जून ।
छत्तीसगढ़ में ‘सुशासन तिहार’ महा-अभियान: 3 करोड़ जनता तक ‘मोदी की गारंटी’ पहुंचाने का जमीनी आकलन
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय खुद पहुंचे वनांचल के गांवों में, चौपाल लगाकर लिया सीधा फीडबैक
बिजली, पानी और राशन जैसी मूलभूत सुविधाओं को समय पर देना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता
छत्तीसगढ़ में पारदर्शिता, जवाबदेही और त्वरित न्याय प्रणाली को मजबूत करने की दिशा में विष्णु देव साय सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य की 3 करोड़ जनता की सेवा और जन-कल्याण के लिए ‘सुशासन तिहार’ महा-अभियान पूरे प्रदेश में पूरी ताकत के साथ चलाया जा रहा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्राथमिकताओं वाली योजनाएं और वादे यानी ‘मोदी की गारंटी’ धरातल पर किस स्तर तक पूरे हुए हैं।
मुख्यमंत्री स्वयं इस अभियान की कमान संभाले हुए हैं। वे लगातार बस्तर संभाग के कोंडागांव, बीजापुर समेत सरगुजा और अन्य सुदूर वनांचल क्षेत्रों के ग्रामीण इलाकों का दौरा कर सीधे जनता के बीच पहुंच रहे हैं।
जनता से सीधा संवाद और त्वरित समाधान
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने स्पष्ट किया कि ‘सुशासन तिहार’ केवल कागजी समीक्षा का माध्यम नहीं, बल्कि सीधे आम नागरिकों से जुड़ने और उनकी समस्याओं का समयबद्ध निवारण करने का एक सशक्त जरिया है।
“सुशासन तिहार का उद्देश्य है कि हम छत्तीसगढ़ की 3 करोड़ जनता की सेवा करते हुए यह जान सकें कि सरकार की योजनाओं के माध्यम से मोदी की गारंटी का कार्य कहाँ तक पूरा हुआ है। यह अभियान जनता से सीधा फीडबैक लेने, समय पर बिजली, पानी और राशन जैसी मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा योजनाओं के प्रभाव का आकलन करने के लिए आयोजित किया गया है।”
— श्री विष्णु देव साय, मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़
| प्राथमिकता क्षेत्र | सरकार का मुख्य संकल्प एवं लक्ष्य |
|---|---|
| 🌾 राशन आपूर्ति | PDS के तहत हर गरीब परिवार को बिना रुकावट के समय पर राशन मिले। |
| ⚡ नियमित बिजली | ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में बिना किसी घोषित कटौती के नियमित आपूर्ति। |
| 🚰 साफ पानी | ‘जल जीवन मिशन’ के तहत हर घर तक शुद्ध पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करना। |
| 📊 प्रभाव का आकलन | जनकल्याणकारी योजनाओं का सामाजिक-आर्थिक मूल्यांकन (Impact Assessment) करना। |
प्रशासनिक तंत्र को कड़े निर्देश, होगा निष्पक्ष मूल्यांकन
इस अभियान के तहत पूरे प्रदेश में जिला स्तर से लेकर ग्राम पंचायत स्तर तक जन समस्या निवारण शिविर और जनचौपालों का आयोजन हो रहा है। मुख्यमंत्री ने सभी जिला कलेक्टरों को कड़े निर्देश दिए हैं कि आम जनता से मिले फीडबैक को पूरी गंभीरता से लिया जाए। यदि कहीं भी योजनाओं के क्रियान्वयन या मूलभूत सुविधाओं में लापरवाही पाई जाती है, तो उस पर तुरंत प्रशासनिक सुधार किया जाएगा।
इस महा-अभियान से प्राप्त होने वाले आंकड़ों और फीडबैक का उपयोग राज्य सरकार भविष्य की अपनी नीतियों को अधिक जन-हितैषी और पारदर्शी बनाने के लिए करेगी। बदलती प्रशासनिक कार्यशैली और सीधे मुख्यमंत्री की जमीन पर मौजूदगी से वनांचल के गांवों में भी सुशासन का वास्तविक स्वरूप दिखाई दे रहा है।
