तेंदूपत्ता संग्राहक का बेटा बना IFS; CM साय बोले- ‘छत्तीसगढ़ का गौरव’

तेंदूपत्ता संग्राहक का बेटा अब संभालेगा जंगलों की कमान: IFS में चयनित अजय गुप्ता से मिले सीएम विष्णुदेव साय, कहा- ‘यह छत्तीसगढ़ का गौरव’

रायपुर, 26l7 मई 2026। तेंदूपत्ता संग्राहक का बेटा अब संभालेगा जंगलों की कमान: IFS में चयनित अजय गुप्ता से मिले सीएम विष्णुदेव साय, कहा- ‘यह छत्तीसगढ़ का गौरव’

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से आज यहां राज्य सचिवालय में भारतीय वन सेवा (IFS) में चयनित रायगढ़ जिले के होनहार युवक श्री अजय गुप्ता ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने अजय को गुलदस्ता भेंट कर इस ऐतिहासिक सफलता के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि अजय का चयन पूरे छत्तीसगढ़, विशेषकर हमारे वनांचल क्षेत्रों के लिए बड़े गौरव और गहरी प्रेरणा का क्षण है।

अभावों को हराकर हासिल की 91वीं रैंक

रायगढ़ जिले के ग्राम संबलपुरी के एक बेहद साधारण किसान परिवार में पले-बढ़े अजय गुप्ता का बचपन जंगलों और खेती-किसानी के बीच बीता। छुट्टियों के दिनों में वे अपने माता-पिता का हाथ बंटाने के लिए जंगलों में जाकर तेंदूपत्ता और महुआ बीनते थे। आर्थिक तंगहाली के बावजूद अजय ने कभी अपनी पढ़ाई से समझौता नहीं किया। उन्होंने 10वीं बोर्ड परीक्षा में 92.66 प्रतिशत और 12वीं में 91.40 प्रतिशत अंक हासिल कर अपनी मेधा साबित की थी। इसके बाद उनका चयन राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT) रायपुर में हुआ। कठिन परिस्थितियों से जूझते हुए अजय ने भारतीय वन सेवा परीक्षा में अखिल भारतीय स्तर पर 91वीं रैंक हासिल कर छत्तीसगढ़ का नाम रोशन किया।

मुख्यमंत्री ने थपथपाई पीठ, कहा- प्रतिभा संसाधनों की मोहताज नहीं

मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने भावुक होते हुए कहा, “अजय ने न केवल अपने माता-पिता, बल्कि पूरे प्रदेश का मान बढ़ाया है। यह बेहद अद्भुत और प्रेरणादायी है कि जिस युवा ने बचपन में जंगलों से तेंदूपत्ता और महुआ बटोरकर अपने परिवार की मदद की, आज वही देश के जंगलों के संरक्षण और संवर्धन की जिम्मेदारी संभालने जा रहा है।” मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि अजय की यह सफलता साबित करती है कि प्रतिभा कभी संसाधनों की मोहताज नहीं होती। अगर दृढ़ संकल्प और सही अवसर मिले, तो दूरस्थ अंचलों के युवा भी देश की सर्वोच्च सेवाओं में अपना परचम लहरा सकते हैं।

सरकारी छात्रवृत्तियों ने आसान की राह

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस बात पर विशेष खुशी जताई कि राज्य सरकार की जनकल्याणकारी नीतियां युवाओं के सपने सच कर रही हैं। उन्होंने बताया कि अजय को पढ़ाई के दौरान राज्य सरकार की ‘लघु वनोपज संघ छात्रवृत्ति’ तथा ‘पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति’ का निरंतर लाभ मिला, जिसने उनकी राह आसान की। एनआईटी रायपुर में पढ़ाई के दौरान भी उन्हें तीन वर्षों तक छात्रवृत्ति मिली। मुख्यमंत्री ने कहा कि अजय की यह कामयाबी वनांचल समाज के सपनों, संघर्ष और आत्मविश्वास की जीत है, जो प्रदेश के हजारों आदिवासी और ग्रामीण युवाओं को बड़े सपने देखने का साहस देगी।

इस मुलाकात के दौरान अजय गुप्ता ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार की मदद और अपनों के विश्वास के कारण ही वे इस मुकाम तक पहुंच पाए हैं। उन्होंने भविष्य में पूरी निष्ठा के साथ देश के पर्यावरण और वनों की सेवा करने का संकल्प दोहराया।

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