रायपुर 2 जुलाई । छत्तीसगढ़ में गुड गवर्नेंस के नए युग की शुरुआत करने के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में आगामी 4 और 5 जुलाई को आईआईएम (IIM) रायपुर में राज्य मंत्रिमंडल का दो दिवसीय ‘महा-चिंतन शिविर’ आयोजित होने जा रहा है। लगातार तीसरे वर्ष आयोजित हो रहा यह हाई-प्रोफाइल शिविर प्रदेश को देश का सबसे पारदर्शी, प्रभावी और जनकेंद्रित राज्य बनाने की दिशा में एक युगांतरकारी कदम साबित होगा।

देश के दिग्गज नीति विशेषज्ञ देंगे सुशासन का मंत्र
इस बार का चिंतन शिविर बेहद खास और रणनीतिक होने वाला है। इसमें देश के प्रबुद्ध विद्वान, शीर्ष नीति निर्माता और प्रबंधन गुरु शामिल हो रहे हैं। मुख्यमंत्री साय और उनके पूरे मंत्रिमंडल को इन राष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञों के अनुभवों और विचारों को सीधे सुनने व समझने का मौका मिलेगा। इस मंथन से निकलने वाले अमृत का उपयोग प्रदेश की विकास योजनाओं को नया पंख देने के लिए किया जाएगा।
‘रडार’ पर होगी प्रशासनिक कार्यप्रणाली
शिविर के दौरान शासन और प्रशासन की मौजूदा कार्यशैली पर आर-पार की विशेष चर्चा होगी। सरकारी फाइलों की रफ्तार बढ़ाने, लालफीताशाही खत्म करने और आम जनता की समस्याओं के त्वरित निवारण के लिए एक अभेद्य रोडमैप तैयार किया जाएगा। मुख्यमंत्री का साफ संदेश है कि व्यवस्था को इतना सुदृढ़ और जवाबदेह बनाया जाए कि हर योजना सीधे जनता के हित में काम करे।
मुख्य आकर्षण: क्यों खास है यह चिंतन शिविर?
- अभूतपूर्व पहल: सुशासन और पारदर्शिता को धरातल पर उतारने का सबसे बड़ा सरकारी मंच।
- दिग्गजों का ज्ञान: देश के सबसे प्रबुद्ध विद्वानों के साथ छत्तीसगढ़ के विकास पर सीधा संवाद।
- कार्यप्रणाली में सुधार: प्रशासनिक ढर्रे को पूरी तरह आधुनिक, पारदर्शी और चुस्त-दुरुस्त बनाने पर जोर।
- अंतिम छोर का विकास: सरकारी योजनाओं को शत-प्रतिशत जनकेंद्रित और परिणामोन्मुखी बनाना।
