विशेष संवाददाता, रायपुर/कोरबा
02 जुलाई 2026
🔴 कोरबा में DMF फंड से बदली तस्वीर: मुढ़ापार से खम्हरिया तक 181 लाख की सड़क ने आसान किया हजारों ग्रामीणों का जीवन
छत्तीसगढ़ के खनन प्रभावित क्षेत्रों में जिला खनिज संस्थान न्यास (DMF) निधि का जनहितकारी उपयोग अब धरातल पर बदलाव की नई इबारत लिख रहा है। इसका सबसे बड़ा और जीवंत उदाहरण कोरबा जिले में देखने को मिला है, जहाँ वर्षों पुरानी आवागमन की समस्या को जड़ से खत्म करते हुए एक नई सड़क ने हजारों ग्रामीणों की जिंदगी की राह आसान कर दी है।

कोरबा जिले के सुदूर ग्रामीण अंचल को जोड़ने वाली मुढ़ापार-धतूरा-कोरबी-खम्हरिया सड़क का कायाकल्प कर दिया गया है। जिला प्रशासन की इस बड़ी उपलब्धि से न केवल ग्रामीणों का सफर सुरक्षित हुआ है, बल्कि आर्थिक और सामाजिक विकास के नए द्वार भी खुल गए हैं।
🎯 कलेक्टर कुणाल दुदावत की सुनियोजित कार्ययोजना लाई रंग
कोरबा कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत के कुशल नेतृत्व और सुनियोजित कार्ययोजना के तहत इस महत्वकांक्षी परियोजना को अमलीजामा पहनाया गया। DMF मद से 180.93 लाख रुपये (लगभग 1.81 करोड़ रुपये) की भारी-भरकम राशि स्वीकृत कर 4.40 किलोमीटर लंबी सड़क का पूरी तरह से नवीनीकरण एवं सुदृढ़ीकरण किया गया है। प्रशासन की कसी हुई मॉनिटरिंग का ही नतीजा रहा कि बीते 15 अप्रैल 2026 को यह निर्माण कार्य पूरी गुणवत्ता के साथ समय पर संपन्न कर लिया गया। अब क्षेत्र के ग्रामीणों को साल के बारह महीने (all-weather) सुरक्षित और सुगम आवागमन की बेहतरीन सुविधा मिल रही है।
🌧️ कीचड़ और जलभराव के उस ‘काले दौर’ से मिली मुक्ति
इस सड़क के बनने से पहले यहाँ के हालात बेहद बदतर थे। खासकर मानसून के दिनों में यह पूरी सड़क गहरे कीचड़ और भारी जलभराव के टापू में बदल जाती थी। इस वजह से:
- शिक्षा पर ब्रेक: स्कूली छात्र-छात्राओं को घुटने भर कीचड़ से होकर जाना पड़ता था, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित होती थी।
- स्वास्थ्य का संकट: आपातकालीन स्थिति में मरीजों या गर्भवती महिलाओं को समय पर अस्पताल पहुँचाना एक बड़ी चुनौती थी।
- आर्थिक नुकसान: किसानों को अपनी उपज मंडियों या बाजारों तक ले जाने का कोई साधन नहीं मिलता था, जिससे फसलें सड़ जाती थीं।
अब सड़क सुधरने से स्कूल, अस्पताल और स्थानीय बाजारों तक पहुंच बेहद आसान हो गई है। किसान अपनी उपज को बिना किसी रुकावट के सही समय पर बाजार पहुँचाकर उचित दाम हासिल कर रहे हैं।
💼 विकास की नई आधारशिला: सामाजिक-आर्थिक मजबूती
यह नवनिर्मित सड़क सिर्फ डामर की पट्टी मात्र नहीं है, बल्कि खनन प्रभावित गांवों के चौमुखी विकास की नई लाइफलाइन (जीवनरेखा) साबित हुई है। बेहतर रोड कनेक्टिविटी होने से शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और अन्य शासकीय सेवाओं की पहुंच सीधे ग्रामीणों के दरवाजे तक हो गई है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और DMF फंड के इस बेहतरीन क्रियान्वयन के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया है। उनका कहना है कि इस एक सड़क ने उनके जीवन स्तर को पूरी तरह से बदल दिया है।
(Editor’s Take):
कोरबा की यह परियोजना प्रदेश के अन्य जिलों के लिए एक बेहतरीन रोल मॉडल है। यह साबित करती है कि अगर DMF फंड का उपयोग ईमानदारी, सही योजना और जनहित को ध्यान में रखकर किया जाए, तो वह खनन प्रभावित क्षेत्रों के पिछड़ेपन को दूर कर विकास की नई मिसाल पेश कर सकता है।
