रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के कुशल नेतृत्व में मंत्रिमंडल का दो दिवसीय ‘चिंतन शिविर 3.0’ 4 जुलाई से आईआईएम रायपुर में ऐतिहासिक रूप से प्रारंभ हुआ. आईआईएम पहुंचने पर मुख्यमंत्री का स्वागत किया गया, जहां उन्होंने पारंपरिक आतिथ्य स्वीकार किया. यह शिविर छत्तीसगढ़ के भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित होने वाला है.

भविष्य की रणनीति पर गंभीर विचार
मुख्यमंत्री साय को आईआईएम के अत्याधुनिक हॉल में एक प्रमुख कुर्सी पर बैठे हुए, गंभीर मुद्रा में चिंतन करते हुए दिखाया गया है. उनकी यह तस्वीर शिविर के मुख्य उद्देश्य को स्पष्ट करती है – राज्य के विकास के लिए एक व्यापक विज़न और प्रभावी रणनीति तैयार करना. इस विज़न के केंद्र में सुशासन, समृद्धि और ‘विकसित छत्तीसगढ़’ का सपना है.

ज्ञान और नेतृत्व का संगम
यह शिविर आईआईएम रायपुर जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में आयोजित होने के कारण, प्रशासन में अत्याधुनिक प्रबंधन तकनीकों और विशेषज्ञता के समावेश को दर्शाता है. आईआईएम के निदेशक राम कुमार काकानी ने मुख्यमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया, जो इस संगम का प्रतीक है.

टीचिंग लर्निंग सेंटर में नवाचार पर ध्यान
मुख्यमंत्री और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को आईआईएम रायपुर के टीचिंग लर्निंग सेंटर में दीप प्रज्वलन करते हुए दिखाया गया है. यह क्रिया नवाचार और निरंतर सीखने के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतिनिधित्व करती है. यह केंद्र आधुनिक शिक्षण विधियों और डिजिटल उपकरणों का उपयोग करके शिक्षण और अधिगम की प्रक्रिया को बेहतर बनाने पर केंद्रित है.


