समोदा से खुलेगा रायपुर की ग्रामीण अधोसंरचना का नया द्वार: सीएम साय कल सौंपेंगे ₹112 करोड़ के विकास कार्यों की महा-सौगात
- नवा रायपुर के कोटरा भाठा में ₹18 करोड़ से आकार लेगा 100 बिस्तरों का हाईटेक अस्पताल, स्वास्थ्य सुविधाओं में लगेगा चार चांद
- आरंग-समोदा अंचल के कायाकल्प की तैयारी: ₹61.11 करोड़ से बिछेगा पीडब्ल्यूडी की सड़कों और पुल-पुलियों का मजबूत जाल
- डिप्टी सीएम अरुण साव की मौजूदगी में जुटेगी मंत्रियों की भारी फौज, सांसद बृजमोहन अग्रवाल भी रहेंगे मौजूद
विशेष संवाददाता
रायपुर, 5 जुलाई।
छत्तीसगढ़ की विष्णु देव साय सरकार सोमवार, 6 जुलाई को रायपुर जिले के ऐतिहासिक और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण आरंग विधानसभा क्षेत्र के समोदा में विकास का एक नया अध्याय लिखने जा रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय क्षेत्र की जनता की लंबे समय से चली आ रही मांगों को पूरा करते हुए 112 करोड़ 1 लाख रुपए से अधिक के कुल 96 विकास कार्यों की सौगात देंगे। इस महा-आयोजन में जहां ₹21 करोड़ 67 लाख के 67 कार्यों का लोकार्पण कर उन्हें जनता को समर्पित किया जाएगा, वहीं ₹90 करोड़ 34 लाख की लागत वाले 29 दूरगामी निर्माण कार्यों का भूमिपूजन भी संपन्न होगा।
यह आयोजन केवल लोक निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह साय सरकार के ‘अंत्योदय’ और ग्रामीण-शहरी संतुलन वाले विकास मॉडल की जमीनी हकीकत को बयां करता है। कार्यक्रम की अध्यक्षता उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन व लोक निर्माण मंत्री श्री अरुण साव करेंगे, जो खुद इन सभी योजनाओं की कमान संभाल रहे हैं।
नवा रायपुर में बनेगा संजीवनी: ₹18 करोड़ का 100 बिस्तर अस्पताल
इस पूरे दौरे की सबसे बड़ी और बहुप्रतीक्षित सौगात स्वास्थ्य क्षेत्र से आ रही है। मुख्यमंत्री श्री साय स्वास्थ्य विभाग द्वारा नवा रायपुर के सेक्टर-17, कोटरा भाठा में ₹18 करोड़ की लागत से बनने वाले 100 बिस्तर (Beds) वाले अत्याधुनिक अस्पताल की आधारशिला रखेंगे।
- असर: यह अस्पताल नवा रायपुर के साथ-साथ आरंग और आसपास के दर्जनों गांवों के लिए लाइफलाइन (संजीवनी) साबित होगा। आधुनिक चिकित्सा उपकरणों और विशेषज्ञ डॉक्टरों की सुविधाओं से लैस यह अस्पताल रायपुर के मुख्य अस्पतालों पर से मरीजों का दबाव कम करेगा।
लोकार्पण: पूर्ण हो चुके कार्यों से कल बदलेगी अंचल की तस्वीर
मुख्यमंत्री जिन 67 कार्यों का लोकार्पण कर जनता के हवाले करेंगे, वे आरंग और समोदा के शहरी व ग्रामीण जीवन को सुगम बनाएंगे:
- पीडब्ल्यूडी के बड़े प्रोजेक्ट्स: ₹9 करोड़ 43 लाख की लागत से बनी 3 प्रमुख सड़कें और पुल, जिससे आवागमन के साथ-साथ व्यापारिक गतिविधियां तेज होंगी।
- समोदा नगर पंचायत का कायाकल्प: नवगठित प्राथमिकताओं के तहत ₹6 करोड़ 67 लाख की लागत से पूरे हुए 20 नागरिक सुविधा कार्य।
- आरंग पालिका में विकास की धमक: ₹4 करोड़ 78 लाख के बजट से पूरे हुए रिकॉर्ड 39 कार्य, जो शहरी ड्रेनेज, स्ट्रीट लाइट और सामुदायिक भवनों से जुड़े हैं।
- ग्रामीण इलाकों को मजबूती: ग्रामीण यांत्रिकी सेवा (RES) के ₹79 लाख के 5 कार्य जो आंतरिक पहुंच मार्गों को दुरुस्त करते हैं।
भूमिपूजन: भविष्य के सुदृढ़ीकरण की ₹90.34 करोड़ की भारी-भरकम कार्ययोजना
भविष्य के छत्तीसगढ़ को गढ़ने के लिए मुख्यमंत्री 29 नए प्रोजेक्ट्स की नींव रखेंगे। इनमें अकेले लोक निर्माण विभाग (PWD) का दबदबा है:
- सड़कों का महाजाल: लोक निर्माण विभाग के तहत ₹61 करोड़ 11 लाख की लागत से 8 बड़े और महत्वपूर्ण मार्गों का निर्माण शुरू होगा। यह क्षेत्र की कनेक्टिविटी को नेशनल हाईवे से मजबूती से जोड़ेगा।
- समोदा नगर पंचायत का विस्तार: बुनियादी ढांचे को और मजबूत करने के लिए ₹8 करोड़ 70 लाख के 9 नए कार्यों का शिलान्यास होगा।
- गांवों का विकास: ग्रामीण यांत्रिकी सेवा (RES) के जरिए ₹2 करोड़ 54 लाख की लागत से 11 नए सामुदायिक और अधोसंरचना कार्य शुरू किए जाएंगे।
मंच पर दिखेगा सरकार का ‘पावर हाउस’
समोदा की इस धरती पर सोमवार को राज्य सरकार की पूरी प्रशासनिक और राजनीतिक ताकत नजर आएगी। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में रायपुर जिले के प्रभारी तथा वन एवं पर्यावरण मंत्री श्री केदार कश्यप, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा, तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार मंत्री गुरु खुशवंत साहेब और क्षेत्र के कद्दावर नेता व सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल शिरकत करेंगे। मंत्रियों की यह भारी मौजूदगी दर्शाती है कि साय सरकार रायपुर ग्रामीण और आरंग बेल्ट के विकास को लेकर कितनी गंभीर है।
संपादकीय दृष्टिकोण (राजनीतिक मायने):
राजनीतिक पंडितों के अनुसार, आरंग और समोदा क्षेत्र में एक साथ इतनी बड़ी राशि का निवेश आगामी स्थानीय निकाय चुनावों और ग्रामीण वोट बैंक पर पकड़ मजबूत करने की दिशा में सरकार का एक मास्टरस्ट्रोक है। सड़कों और अस्पताल के इस गठजोड़ से साय सरकार ने सीधे तौर पर बुनियादी और मानवीय विकास (Health & Infrastructure) दोनों को एक साथ साधने का काम किया है।
