मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का ऐतिहासिक ऐलान: छत्तीसगढ़ के कोने-कोने में पूजे जाएंगे ‘अखंड भारत’ के महानायक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी

बजट स्वीकृत: सभी 5 संभागों और जिलों में स्थापित होंगी भव्य प्रतिमाएं; साय सरकार ने जारी किए ₹10 करोड़

“जो समाज अपना इतिहास भूल जाता है, उसका अस्तित्व बिखर जाता है। डॉ. मुखर्जी के राष्ट्रवाद की गूंज छत्तीसगढ़ के हर नागरिक के दिल में रहेगी।”
— विष्णु देव साय, मुख्यमंत्री

रायपुर 6 जुलाई । विशेष संवाददाता

छत्तीसगढ़ की माटी से राष्ट्रवाद की एक नई और बुलंद इबारत लिखने की तैयारी हो चुकी है। भारतीय जनसंघ के संस्थापक और देश की अखंडता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले महान दृष्टा डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने एक ऐसा ऐतिहासिक फैसला लिया है, जो प्रदेश की सियासत और वैचारिक चेतना को हमेशा के लिए बदल देगा।

​मुख्यमंत्री साय ने घोषणा की है कि छत्तीसगढ़ के सभी 5 संभाग मुख्यालयों और प्रदेश के प्रत्येक जिले में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की भव्य और प्रेरणादायी प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी। इस महा-परियोजना के लिए मुख्यमंत्री ने पलक झपकते ही ₹10 करोड़ की भारी-भरकम राशि की प्रशासकीय स्वीकृति दे दी है।

बजट का चक्रव्यूह: संभागों को 50 लाख, जिलों को 30 लाख

​मुख्यमंत्री के निर्देश पर संस्कृति और लोक निर्माण विभाग इस योजना को अमलीजामा पहनाने में जुट गया है। बजट का खाका बेहद स्पष्ट और भव्य है:

  • वैचारिक केंद्र बनेंगे संभाग: पांचों संभाग मुख्यालयों में डॉ. मुखर्जी की विशाल प्रतिमाओं के लिए ₹50-50 लाख आवंटित किए गए हैं।
  • हर जिले में राष्ट्रवाद की अलख: प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में प्रतिमा स्थापना के लिए ₹30-30 लाख की राशि मंजूर की गई है।

‘दो विधान, दो प्रधान, दो निशान’ के अंत की नींव थे डॉ. मुखर्जी

​अपने संबोधन में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बेहद कड़े और भावुक शब्दों में इतिहास को रेखांकित किया। उन्होंने कहा, “डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी वह महापुरुष थे जिन्होंने कश्मीर में ‘दो प्रधान, दो विधान और दो निशान’ के खिलाफ अपनी जान की बाजी लगा दी थी। आज छत्तीसगढ़ का यह सौभाग्य है कि हम उनकी 125वीं जयंती मना रहे हैं। इतिहास को सिर्फ पन्नों में नहीं, समाज के सीने में जिंदा रहना चाहिए। इतिहास भूलने वाले देश बिखर जाया करते हैं, और हम छत्तीसगढ़ को बिखरने नहीं, निखरने की राह पर ले जा रहे हैं।”

सियासी और सामाजिक मायनों में सबसे बड़ा कदम

​जानकारों का मानना है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का यह मास्टरस्ट्रोक छत्तीसगढ़ की भावी पीढ़ी की रगों में राष्ट्रभक्ति का संचार करने की एक सोची-समझी और सुदृढ़ मुहिम है। जिला और संभाग स्तर पर इन प्रतिमाओं की स्थापना के बाद ये स्थल केवल स्मारक नहीं, बल्कि युवाओं के लिए वैचारिक और राष्ट्रीय चेतना के सबसे बड़े केंद्र बनकर उभरेंगे।

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