💥 ‘मिशन मोड’ में छत्तीसगढ़: मुख्य सचिव विकासशील का बड़ा फरमान—बैकलॉग पदों पर तुरंत भर्ती शुरू करें, फाइलों की लेत-लतीफी बर्दाश्त नहीं
- बड़ा फैसला: युवाओं के लिए खुलेगा नौकरियों का पिटारा, सभी विभागों में रिक्त आरक्षित पदों को भरने के सख्त निर्देश।
- अल्टीमेटम: विकास कार्यों में रोड़ा बनने वाले भू-अर्जन (Land Acquisition) के मामलों को तत्काल निपटाएं अधिकारी।
- सुपर-चेकिंग: डिजिटल गवर्नेंस के जरिए ‘ई-ऑफिस’ और योजनाओं की चौबीसों घंटे होगी मॉनिटरिंग।
रायपुर, 7 जुलाई 2026।
छत्तीसगढ़ प्रशासनिक गलियारे से आज की सबसे बड़ी और धमाकेदार खबर सामने आ रही है। राज्य के मुख्य सचिव श्री विकासशील ने आज मंत्रालय महानदी भवन में प्रदेश के संपूर्ण प्रशासनिक अमले (ब्यूरोक्रेसी) की एक आपात और मैराथन बैठक ली। बैठक में मुख्य सचिव के तेवर बेहद कड़े नजर आए। उन्होंने दोटूक लहजे में सभी विभागों के भारसाधक सचिवों को चेतावनी दी है कि जनता के कामों में ढिलाई और फाइलों की कछुआ चाल अब छत्तीसगढ़ में नहीं चलेगी।

इस हाई-प्रोफाइल बैठक से निकले तीन सबसे बड़े और असरदार फैसले नीचे दिए गए हैं:
1️⃣ बेरोजगार युवाओं को बड़ी सौगात, तत्काल खुलेगा भर्ती का रास्ता
सरकारी नौकरी की राह देख रहे सूबे के युवाओं के लिए मुख्य सचिव ने आज बड़ा ऐलान किया। उन्होंने सभी विभागीय सचिवों को निर्देशित किया है कि उनके विभागों में जितने भी आरक्षित वर्ग के बैकलॉग पद खाली पड़े हैं, उन पर भर्ती की कानूनी व प्रशासनिक प्रक्रिया बिना वक्त गंवाए तत्काल शुरू की जाए। माना जा रहा है कि इस आदेश के बाद आने वाले हफ्तों में राज्य में बंपर भर्तियों का दौर शुरू हो जाएगा।
2️⃣ ‘डिजिटल हंटर’: योजनाओं की रेंगती रफ्तार पर लगेगी लगाम
मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप राज्य में ‘सुशासन’ ही एकमात्र प्राथमिकता है। इसके लिए उन्होंने ई-ऑफिस और लोक सेवा गारंटी अधिनियम का कड़ाई से पालन करने को कहा। बैठक में सरकार के सबसे महत्वपूर्ण डिजिटल प्रोजेक्ट्स की बिंदुवार समीक्षा की गई:
- कड़ी निगरानी: नियद नेल्लानार डैशबोर्ड, सुघ्घर छत्तीसगढ़, पीएम प्रगति पोर्टल, ई-प्रगति सीजी स्टेट पोर्टल, डी-रेगुलेशन ई-गजट और ‘सेवा सेतु’ की प्रगति की समीक्षा की गई।
- जमीनी योजनाएं: ‘पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ और ग्रामीण विकास की योजनाओं को तेज गति से धरातल पर उतारने के निर्देश दिए गए ताकि जनता को दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें।
3️⃣ इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को मिलेगी ‘रॉकेट’ रफ्तार
राज्य में सड़कों, पुलों और अन्य बड़े सरकारी प्रोजेक्ट्स में हो रही देरी पर मुख्य सचिव ने नाराजगी जताई। उन्होंने अधिकारियों को आदेश दिया कि भू-अर्जन (Land Acquisition) से जुड़े जितने भी मामले फाइलों में दबे पड़े हैं, उन्हें ‘मिशन मोड’ में लाकर युद्ध स्तर पर निपटाया जाए। जमीन की अड़चन के कारण कोई भी विकास कार्य रुकना नहीं चाहिए।
👥 बैठक में मौजूद रहा छत्तीसगढ़ का ‘पावर हाउस’
बैठक की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें छत्तीसगढ़ प्रशासनिक सेवा के सभी शीर्ष चेहरे और दिग्गज आईएएस अधिकारी एक ही छत के नीचे मौजूद थे:
| अधिकारी का नाम | पद एवं विभाग |
|---|---|
| श्री मनोज कुमार पिंगुआ | अपर मुख्य सचिव, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग |
| श्रीमती ऋचा शर्मा | अपर मुख्य सचिव, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग |
| श्रीमती निहारिका बारिक सिंह | प्रमुख सचिव, गृह एवं जेल विभाग |
| श्री सोनमणि बोरा | प्रमुख सचिव, आदिम जाति विकास विभाग |
| श्रीमती शहला निगार | प्रमुख सचिव, महिला एवं बाल विकास विभाग |
| श्री मुकेश कुमार बंसल | सचिव, मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण विभाग |
| श्री राहुल भगत | सचिव, मुख्यमंत्री एवं सुशासन तथा अभिसरण विभाग |
| श्रीमती नेहा चम्पावत | सचिव, गृह विभाग |
| श्री रजत कुमार | सचिव, सामान्य प्रशासन एवं वाणिज्य तथा उद्योग विभाग |
| डॉ. कमलप्रीत सिंह | सचिव, स्कूल शिक्षा विभाग |
| सुश्री रीना बाबा साहेब कंगाले | सचिव, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता विभाग |
| श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी | सचिव, कृषि विकास एवं किसान कल्याण विभाग |
| श्री अविनाश चम्पावत | सचिव, सामान्य प्रशासन विभाग |
| श्री एस. प्रकाश | सचिव, परिवहन विभाग |
| सुश्री आर. शंगीता | सचिव, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग |
| श्री बसवराजु एस. | सचिव, कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार |
| श्रीमती शम्मी आबिदी | सचिव, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग |
| मोहम्मद कैसर अब्दुल हक | सचिव, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग |
| श्री भुवनेश यादव | सचिव, वाणिज्यिक कर (पंजीयन) |
🔥 अंदर की बात (ब्यूरो रिपोर्ट): मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, मुख्य सचिव ने साफ कर दिया है कि वे खुद हर हफ्ते इन योजनाओं की कमान संभालेंगे और प्रगति रिपोर्ट सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) को भेजी जाएगी। काम न करने वाले अधिकारियों पर आने वाले दिनों में बड़ी गाज गिर सकती है।
