जकार्ता में राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने नवाजा, छत्तीसगढ़ के CM विष्णु देव साय बोले— “140 करोड़ भारतीयों के स्वाभिमान और वैश्विक साख का ऐतिहासिक क्षण”
जकार्ता/रायपुर 7 जुलाई ।
वैश्विक कूटनीति के क्षितिज पर भारत ने आज एक और स्वर्णिम अध्याय लिख दिया है। भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इंडोनेशिया के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘Bintang Adipurna of the Republic of Indonesia’ से विभूषित किया गया है। जकार्ता के भव्य समारोह में इंडोनेशिया के राष्ट्रपति श्री प्रबोवो सुबियांतो ने स्वयं पीएम मोदी को इस सर्वोच्च मानद उपाधि से अलंकृत किया। यह ऐतिहासिक पल न केवल भारत की ‘एक्ट ईस्ट’ नीति की महाविजय है, बल्कि दुनिया के मंच पर भारत के बढ़ते अभेद्य प्रभाव का साक्षात प्रमाण है।

“यह केवल एक सम्मान नहीं, बल्कि हमारे प्रधानमंत्री जी के उस भगीरथ प्रयास की गूंज है, जिसने सदियों पुराने सभ्यतागत संबंधों को आधुनिक काल की सबसे मजबूत रणनीतिक और आर्थिक साझेदारी में बदल दिया।”
— श्री विष्णु देव साय, मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़
क्यों मिला यह सम्मान? कूटनीति के पाँच अचूक स्तंभ:
यह सर्वोच्च सम्मान प्रधानमंत्री मोदी के उस दूरदर्शी नेतृत्व को स्वीकार करता है, जिसने वैश्विक उथल-पुथल के बीच दोनों देशों के रिश्तों को एक अभेद्य कवच दिया है:
- रणनीतिक व रक्षा संप्रभुता: हिंद-प्रशांत (Indo-Pacific) क्षेत्र में शांति, समुद्री सुरक्षा और रक्षा सहयोग को एक नए युग में ले जाना।
- सभ्यतागत पुनर्जागरण: दोनों देशों के बीच सदियों पुराने सांस्कृतिक, रामायण कालीन और ऐतिहासिक संबंधों को आधुनिक कूटनीति की रीढ़ बनाना।
- आर्थिक और व्यापारिक महासेतु: व्यापार, निवेश, और डिजिटल तकनीक के आदान-प्रदान से दोनों देशों के बाजारों को एक-दूसरे के लिए खोलना।
- ग्लोबल फूड एंड हेल्थ सिक्योरिटी: स्वास्थ्य संकट और खाद्य सुरक्षा जैसी वैश्विक चुनौतियों में अग्रिम मोर्चे पर खड़े होकर एक-दूसरे का संबल बनना।
वैश्विक महाशक्ति के रूप में उभरा भारत
इस सम्मान के गहरे राजनीतिक और कूटनीतिक मायने हैं। जानकारों का मानना है कि प्रधानमंत्री मोदी ने जिस तरह से भारत को ‘विश्वमित्र’ (दुनिया का दोस्त) और ‘ग्लोबल साउथ’ (विकासशील देशों) की बुलंद आवाज के रूप में स्थापित किया है, यह पुरस्कार उसी का प्रतिफल है। इंडोनेशिया जैसे विशाल मुस्लिम बहुल और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण देश द्वारा भारत के राष्ट्रप्रमुख को अपना सर्वोच्च सम्मान देना यह सिद्ध करता है कि भारत की विदेश नीति आज अपने इतिहास के सबसे स्वर्णिम और शक्तिशाली दौर में है।
यह गौरव क्षण हर एक भारतवासी के सीने को गर्व से चौड़ा करने वाला है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राज्य की जनता की ओर से प्रधानमंत्री जी को बधाई देते हुए इसे देश के स्वाभिमान का शिखर बताया है।
