ऐतिहासिक महा-सौगात: धर्मनगरी राजिम में विकास का नया शंखनाद; ‘नगर पालिका’ बनते ही झूमा पूरा छत्तीसगढ़!

ऐतिहासिक महा-सौगात: धर्मनगरी राजिम में विकास का नया शंखनाद; ‘नगर पालिका’ बनते ही झूमा पूरा छत्तीसगढ़!

विशेष ब्यूरो

रायपुर/राजिम, 14 जुलाई 2026

​छत्तीसगढ़ के सांस्कृतिक और धार्मिक इतिहास में आज का दिन स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज हो गया है। राजिमवासियों के दशकों पुराने संघर्ष, अटूट धैर्य और बहुप्रतीक्षित मांग का सम्मान करते हुए राज्य की विष्णुदेव साय सरकार ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा जारी आधिकारिक अधिसूचना के तहत राजिम नगर पंचायत का दर्जा बढ़ाकर उसे ‘नगर पालिका’ घोषित कर दिया गया है।

​इस युगांतरकारी घोषणा के बाद से ही त्रिवेणी संगम के घाटों से लेकर राजिम की तंग गलियों तक जश्न का ऐसा सैलाब उमड़ा है, जैसा पहले कभी नहीं देखा गया। ढोल-नगाड़ों की थाप पर थिरकते लोग, गगनभेदी आतिशबाजी और मिठाइयों से सराबोर चेहरों ने इस फैसले को राजिम के ‘नए जन्म’ की तरह मनाया है।

एक नज़र में बड़ा बदलाव: क्या बदलेगा राजिम के लिए?

वर्तमान स्थिति (कल तक)नई क्रांति (आज से)सीधे जनता को लाभ
सीमित बजट (नगर पंचायत)विशाल वित्तीय अनुदान (नगर पालिका)बड़े पैमाने पर विकास कार्यों को मिलेगी त्वरित मंजूरी।
सीमित प्रशासनिक अमलापूर्ण सुदृढ़ प्रशासनिक ढांचाजनसमस्याओं के निवारण के लिए अधिकारियों की बड़ी टीम तैनात होगी।
बुनियादी ढांचा विकास की धीमी गतियुद्ध स्तर पर कायाकल्पआधुनिक सड़कें, सुदृढ़ ड्रेनेज और 24 घंटे जलापूर्ति।
योजनाओं में सीमित हिस्सेदारीकेंद्र-राज्य की योजनाओं का सीधा लाभअमृत मिशन जैसी बड़ी राष्ट्रीय योजनाओं का सीधा पैसा राजिम को मिलेगा।

“यह राजिम के भव्य पुनरुत्थान की शुरुआत है” — उप मुख्यमंत्री अरुण साव

​नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री तथा उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने इस ऐतिहासिक मील के पत्थर पर राजिम की जनता को बधाई देते हुए बेहद कड़े और संकल्पित लहजे में कहा:

​”यह निर्णय सिर्फ कागजी बदलाव नहीं, बल्कि राजिम के सुनियोजित, आधुनिक और भव्य विकास का महा-संकल्प है। छत्तीसगढ़ के ‘प्रयाग’ राजिम को अब वो दर्जा और संसाधन मिलेंगे, जिसका वह हमेशा से हकदार था। अब विकास का पहिया थमेगा नहीं, बल्कि दोगुनी रफ्तार से दौड़ेगा।”

इन 4 मोर्चों पर होगा ‘सुपरफास्ट’ कायाकल्प

  • स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर की एंट्री: अब राजिम की गलियां और मुख्य मार्ग चौड़े और डामरीकृत होंगे। पानी की निकासी के लिए विश्वस्तरीय अंडरग्राउंड ड्रेनेज सिस्टम का खाका तैयार किया जाएगा।
  • 24×7 शुद्ध पेयजल और स्वच्छता: हर घर में नल से शुद्ध जल की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। आधुनिक कचरा निपटान प्रणाली (सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट) से राजिम ‘स्वच्छता का मॉडल’ बनेगा।
  • चमकेंगी सड़कें, महकेंगे उद्यान: अत्याधुनिक एलईडी और हाई-मास्ट लाइटों से पूरा शहर दूधिया रोशनी में नहाएगा। साथ ही, बच्चों और बुजुर्गों के लिए सुंदर पार्कों और भव्य सामुदायिक भवनों का जाल बिछाया जाएगा।
  • धार्मिक पर्यटन को नए पंख: प्रतिवर्ष होने वाले ‘राजिम कल्प कुंभ’ को ध्यान में रखते हुए घाटों का सौंदर्यीकरण और वीआईपी नागरिक सुविधाओं का ऐसा इंफ्रास्ट्रक्चर खड़ा किया जाएगा कि यह वैश्विक पर्यटन नक्शे पर चमकेगा।

अस्मिता और अधिकार की बड़ी जीत

​महानदी, पैरी और सोढूर के पवित्र संगम पर बसे राजिम के निवासियों का कहना है कि यह सरकार का अब तक का सबसे दमदार और असरदार फैसला है। नगर पालिका बनने से अब राजिम की आत्मनिर्भरता बढ़ेगी और इसे जिला मुख्यालय की तर्ज पर विकसित किया जा सकेगा। यह केवल एक प्रशासनिक अपग्रेडेशन नहीं है, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और राजिम के गौरव का सम्मान है।

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