🔴 लाल आतंक पर शिक्षा का प्रहार: सुकमा के ‘क्षितिज’ ने रचा इतिहास, 32 बच्चों ने क्रैक की NEET-UG, 13 बनेंगे डॉक्टर!

➔ जिला प्रशासन की ‘निःशुल्क क्षितिज कोचिंग’ ने दूरस्थ अंचलों के आदिवासी बच्चों के सपनों को दिए पंख।

➔ कभी बंदूक की गूंज सुनने वाले सुकमा के ग्रामीण परिवारों के बच्चे अब थामेंगे स्टेथॉस्कोप; प्रभारी मंत्री केदार कश्यप और कलेक्टर अमित कुमार ने दी बधाई।

विशेष संवाददाता | रायपुर/सुकमा, 19 जुलाई 2026
देश के सबसे संवेदनशील और दूरस्थ नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शुमार सुकमा जिले से एक ऐसी गौरवशाली तस्वीर सामने आई है, जिसने पूरे छत्तीसगढ़ को गौरवान्वित कर दिया है। सुकमा के वनांचलों और ग्रामीण परिवारों के बच्चों ने अपनी मेधा और कड़े संघर्ष के दम पर देश की सबसे प्रतिष्ठित मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 में सफलता का परचम लहराया है।
जिला प्रशासन द्वारा संचालित निःशुल्क ‘क्षितिज’ JEE-NEET कोचिंग सेंटर के 32 विद्यार्थियों ने न सिर्फ इस कठिन परीक्षा की क्वालिफाइंग कटऑफ को पार किया है, बल्कि इनमें से 13 विद्यार्थियों के शासकीय मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस (MBBS) सीट पर प्रवेश पाने की प्रबल संभावना बन गई है। यह सफलता इस बात का जीवंत प्रमाण है कि अगर सही अवसर और मार्गदर्शन मिले, तो प्रतिभा किसी संसाधन या क्षेत्र की मोहताज नहीं होती।

💡 अभावों को चीरकर निकलीं सफलता की कहानियां

सुकमा के जिन बच्चों ने इस परीक्षा में बाजी मारी है, वे बेहद साधारण, आदिवासी और ग्रामीण पृष्ठभूमि से आते हैं। जिनके माता-पिता खेती-किसानी या मजदूरी कर परिवार चलाते हैं, उनके बच्चों के लिए कोटा या बिलासपुर जैसे बड़े शहरों में लाखों रुपये खर्च कर कोचिंग पाना एक नामुमकिन सपना था। ऐसे में जिला प्रशासन का ‘क्षितिज’ सेंटर इन बच्चों के लिए तारणहार बना, जिसने न केवल मुफ्त शिक्षा दी बल्कि इनके डॉक्टर बनने के मरुस्थलीय सपने में उम्मीद का रस घोल दिया।

🤝 टीम सुकमा का कुशल नेतृत्व और सटीक रणनीति

इस ऐतिहासिक सफलता के पीछे जिला प्रशासन की दूरगामी सोच और एक मजबूत प्रशासनिक रीढ़ है। कलेक्टर श्री अमित कुमार के कुशल नेतृत्व, जिला पंचायत सीईओ श्री मुकुंद ठाकुर तथा जिला शिक्षा अधिकारी श्री जी. आर. मण्डावी के जमीनी मॉनिटरिंग का ही नतीजा है कि आज सुकमा के बच्चे राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं।
प्रशिक्षण प्रदाता संस्था ‘कैंप एकेडमी’ के अनुभवी शिक्षकों की टीम—सूरज सिंह, सोनम सिंह, निधि चौहान और राजनीश पटेल ने बच्चों को सिर्फ पढ़ाया नहीं, बल्कि परीक्षा के तनाव से लड़ना और सही रणनीति बनाना सिखाया। दिन-रात की नियमित कक्षाएं, विषयवार डाउट सेशंस और कड़े मॉक टेस्ट ने इन बच्चों को इस काबिल बनाया कि वे देश के सबसे कठिन एग्जाम को क्रैक कर सकें।

🗣️ वीआईपी कॉर्नर: किसने क्या कहा?

“यह सफलता केवल एक परीक्षा परिणाम नहीं है, बल्कि सुकमा के बदलते दौर की नई इबारत है। इन बच्चों ने साबित कर दिया है कि बस्तर के युवाओं में असीम क्षमताएं हैं। सभी सफल छात्र-छात्राओं, उनके अभिभावकों और शिक्षकों को बधाई।”
श्री केदार कश्यप, वन एवं जिले के प्रभारी मंत्री, छत्तीसगढ़

📈 सुकमा में शिक्षा की नई क्रांति के मुख्य बिंदु:

  • 32 छात्र क्वालिफाइड: ‘क्षितिज’ कोचिंग सेंटर के 32 छात्रों ने NEET-UG 2026 में सफलता हासिल की।
  • 13 भावी डॉक्टर्स: 13 छात्रों को पक्का शासकीय मेडिकल कॉलेज मिलने की उम्मीद।
  • 100% निःशुल्क: जिला प्रशासन द्वारा उच्च स्तरीय कोचिंग, रहने-खाने और किताबों की मुफ्त व्यवस्था।
  • बदलता परसेप्शन: बंदूक और हिंसा की खबरों से इतर, अब सुकमा शिक्षा के हब के रूप में देश के नक्शे पर उभर रहा है।

🚀 युवाओं में बढ़ा आत्मविश्वास, अब हर घर से निकलेगा डॉक्टर

इस शानदार नतीजे के बाद सुकमा के युवाओं में एक नया जोश और आत्मविश्वास देखा जा रहा है। जो बच्चे कल तक संसाधनों की कमी के आगे घुटने टेक देते थे, वे आज देश के शीर्ष मेडिकल कॉलेजों में जाने का ख्वाब देख रहे हैं। जिला प्रशासन ने सभी सफल विद्यार्थियों और उनके मार्गदर्शकों को बधाई देते हुए संकल्प दोहराया है कि सुकमा के विकास की यह नई उड़ान अब थमने वाली नहीं है।
[समाचार समाप्त]

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *