छत्तीसगढ़ के कोयला परिवहन घोटाले में रायपुर जेल में बंद आईएएस रानू साहू, आईएएस समीर विश्नोई और राज्य प्रशासनिक सेवा की अधिकारी सौम्या चौरसिया को ज़मानत पर रिहा कर दिया गया है.
समीर विश्नोई अक्टूबर 2022 से, सौम्या चौरसिया दिसंबर 2022 से और रानू साहू जुलाई 2023 से रायपुर जेल में बंद थे.
गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने इन तीनों निलंबित अधिकारियों समेत 6 लोगों को ज़मानत पर रिहा करने का आदेश दिया था.
सुप्रीम कोर्ट ने इन तीनों को रिहाई के बाद छत्तीसगढ़ से बाहर रहने के निर्देश दिए हैं, जिससे गवाहों और सबूतों को प्रभावित न किया जा सके.

छत्तीसगढ़ के कथित कोयला परिवहन घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी ने कई छापेमारी के बाद 29 सितंबर 2022 को एक मामला दर्ज किया था.
आरोप है कि सौम्या चौरसिया, समीर विश्नोई और रानू साहू ने सूर्यकांत तिवारी नाम के व्यापारी के साथ मिलकर छत्तीसगढ़ में कोयला परिवहन के लिए प्रति टन 25 रुपये की अवैध वसूली की.
सौम्या चौरसिया राज्य प्रशासनिक सेवा की अधिकारी तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की उप सचिव थीं. आईएएस समीर विश्नोई खनन विभाग के निदेशक थे. आईएएस रानू साहू कोयला खनन वाले इलाकों की कलेक्टर थीं.
इसके लिए 15 जुलाई 2020 को एक सरकारी आदेश जारी किया गया, जिसमें कोयला परिवहन के लिए वाहनों को जारी किए जाने वाले परिवहन परमिट को मैनुअल कर दिया गया. आरोप है कि इसके बाद उन्हीं वाहनों को परमिट आदेश जारी किया जाता था, जो 25 रुपये प्रति टन के हिसाब से अवैध रक़म इस सिंडिकेट को देते थे.
ईडी का आरोप है कि इस तरीके़ से कम से कम 570 करोड़ रुपये की अवैध वसूली की गई, जिसमें कई विधायक, व्यापारी और अफ़सर शामिल रहे.
