रायपुर/पहलगाम 7 मई : छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए हालिया घटनाक्रम को लेकर अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त की हैं और भारतीय सेना की जवाबी कार्रवाई की सराहना की है। मुख्यमंत्री ने शहीदों के परिवारों के प्रति एकजुटता दिखाते हुए आतंकवाद के खिलाफ केंद्र सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति पर जोर दिया।
शहीदों के प्रति संवेदना और भावुक नमन
मुख्यमंत्री साय ने अपने संदेश में उन महिलाओं और परिवारों के प्रति गहरी सहानुभूति जताई जिन्होंने इस हमले में अपने अपनों को खोया है। उन्होंने कहा, “पहलगाम में जिन माताओं-बहनों का सिंदूर उजड़ा, उन सभी दिवंगतों के प्रति हम अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं। ईश्वर से प्रार्थना है कि वे दिवंगत आत्माओं को शांति दें और शोक-संतप्त परिजनों को इस अपार दुःख को सहने की शक्ति प्रदान करें।”
‘ऑपरेशन सिंदूर’ और सेना का अदम्य साहस
CM साय ने अपने संबोधन में विशेष रूप से ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि किस तरह भारतीय जवानों ने अपनी जान की बाजी लगाकर दुश्मनों को करारा जवाब दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन माताओं का सुहाग उजड़ा था, उसका बदला देश और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जवानों ने वीरतापूर्वक लिया है। उन्होंने सेना के अदम्य साहस को नमन करते हुए इसे राष्ट्र के गौरव की जीत बताया।
नया भारत: छेड़ोगे तो छोड़ेंगे नहीं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का भारत बदल चुका है। उन्होंने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा:
“आज का भारत प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में ‘नया भारत’ है। यह वह भारत है जो किसी को बेवजह छेड़ता नहीं है, लेकिन अगर कोई हमें छेड़ेगा, तो हम उसे छोड़ेंगे भी नहीं। यह भारत अब दुश्मन को उसके घर में घुसकर मारना जानता है।”
आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक जंग
मुख्यमंत्री का यह बयान छत्तीसगढ़ सरकार और केंद्र सरकार की उस साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिसके तहत आंतरिक और बाहरी सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। साय ने स्पष्ट किया कि जवानों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा और देश की सीमाएं तथा नागरिक प्रधानमंत्री के नेतृत्व में पूरी तरह सुरक्षित हैं।
इस बयान के बाद प्रदेश भर में सुरक्षा बलों के प्रति सम्मान और शहीदों के प्रति श्रद्धांजलि का माहौल है। मुख्यमंत्री के इस संदेश ने न केवल जवानों का हौसला बढ़ाया है, बल्कि आतंकवाद के खिलाफ देश के सख्त रुख को भी फिर से स्पष्ट कर दिया है।
