रायपुर 2 जुलाई । सहकारिता विभाग का बड़ा आयोजन: ‘सहकार संकल्प दौड़’ से छत्तीसगढ़ देगा स्वस्थ और समृद्ध समाज का संदेश
छत्तीसगढ़ शासन के सहकारिता विभाग द्वारा प्रदेश में सहकारिता की भावना को जन-जन तक पहुंचाने के लिए एक बड़े अभियान की शुरुआत की जा रही है। “सहकारिता की भावना के साथ, एक कदम समृद्ध छत्तीसगढ़ की ओर” थीम पर आधारित एक भव्य ‘सहकार संकल्प दौड़’ का आयोजन कल, यानी 3 जुलाई को राजधानी रायपुर में किया जाएगा। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य राज्य के नागरिकों में आपसी सहयोग, एकता, स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता और सामूहिक विकास का संदेश फूंकना है।
सुबह 6 बजे मरीन ड्राइव पर सजेगा महाकुंभ
यह ऐतिहासिक दौड़ 3 जुलाई 2026, शुक्रवार को सुबह ठीक 6 बजे रायपुर के प्रसिद्ध मरीन ड्राइव (तेलीबांधा) से शुरू होगी। आयोजन को लेकर प्रशासनिक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इस दौड़ में राजधानी समेत प्रदेशभर से भारी संख्या में युवा, विद्यार्थी, किसान, महिलाएं, वरिष्ठ नागरिक और विभिन्न सहकारी संस्थाओं के सदस्य हिस्सा लेकर एकता का परिचय देंगे।
विजेताओं पर होगी पुरस्कारों की बौछार
सहकारिता आंदोलन में जनभागीदारी बढ़ाने और लोगों को प्रोत्साहित करने के लिए विभाग ने विशेष व्यवस्था की है। दौड़ को पुरुष और महिला, दो अलग-अलग वर्गों में आयोजित किया जा रहा है। दोनों ही वर्गों में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले धावकों को मंच पर आकर्षक पुरस्कार और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया जाएगा।
केवल दौड़ नहीं, यह जन-जागरण का महाअभियान है
सहकारिता विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, यह आयोजन केवल एक खेल प्रतियोगिता या दौड़ तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक सामाजिक जन-जागरण अभियान है। इसके जरिए सरकार “सहकारिता से समृद्धि”, “साथ चलें, साथ बढ़ें” और “स्वस्थ समाज, समृद्ध प्रदेश” के संकल्प को हर घर तक पहुंचाना चाहती है। आधुनिक जीवनशैली में स्वस्थ रहने और समाज में भाईचारे के साथ आगे बढ़ने का संदेश इस दौड़ की मुख्य ताकत है।
सहकारिता विभाग की अपील: ‘बनाएं इतिहास, दौड़ें छत्तीसगढ़ के लिए’
छत्तीसगढ़ शासन के सहकारिता विभाग ने प्रदेश के सभी आम और खास नागरिकों से इस गरिमामयी आयोजन में बढ़-चढ़कर और उत्साहपूर्वक भाग लेने की अपील की है। विभाग का स्पष्ट मानना है कि बिना जनभागीदारी के कोई भी आंदोलन सफल नहीं हो सकता। नागरिकों का यही साथ सहकारिता के इस अभियान को और मजबूत बनाएगा, जिससे आत्मनिर्भर और समृद्ध छत्तीसगढ़ के निर्माण का सपना सच साबित होगा।
